आगरा जिला अस्पताल की डिजिटल एक्सरे मशीन तीन दिन से खराब है, जिसके चलते पोर्टेबल मशीन से केवल गंभीर मरीजों के एक्सरे किए जा रहे हैं। रोजाना 200-250 एक्सरे की क्षमता के मुकाबले अब सिर्फ 60-80 मरीजों की जांच हो पा रही है और करीब 60 फीसदी मरीज बिना जांच लौट रहे हैं।
आगरा जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। इससे मरीजों को परेशानी हो रही है। पोर्टेबल मशीन से गंभीर मरीजों के ही एक्सरे किए जा रहे हैं। इससे 60 फीसदी मरीज बिना जांच कराए लौट रहे हैं।
विज्ञापन
एक्सरे मशीन तीन दिन से खराब है। इसका पार्ट खराब हो गया है। ऐसे में चिकित्सकों से सामान्य स्थिति में एक्सरे पर्चा पर लिखने से मना किया गया है। अभी गंभीर मरीजों के ही एक्सरे किए जा रहे हैं। इसके चलते पोर्टेबल मशीन से औसतन रोजाना 60-80 मरीजों के ही एक्सरे हो रहे हैं। डिजिटल मशीन ठीक होने पर 200-250 मरीजों के एक्सरे होते थे। ऐसे में 60 फीसदी से अधिक मरीज बिना जांच के ही लौट रहे हैं। प्रमुख अधीक्षक डॉ. सुनीता राठौर ने बताया कि मशीन को ठीक कराने के लिए 9 सितंबर को ही कंपनी को बोल दिया है। इसका एक पार्ट विदेश से आना है, इसके चलते देरी हो रही है।
हज यात्रा के आवेदकों की बढ़ी भीड़
हज यात्रा के आवेदकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। औसतन रोजाना 80 आवेदन आ रहे हैं। इनके स्वास्थ्य जांच के बाद पैथोलॉजी जांच और एक्सरे भी हो रहे हैं। इससे जांच में भी देरी हो रही है। प्रमुख अधीक्षिका ने बताया कि हज यात्रा के लिए आवेदकों के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग कक्ष में व्यवस्था की गई है।