जसराना (फिरोजाबाद)। तहसील में नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षरों से रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में तैैनात कर्मचारी द्वारा सरकारी जमीन को ग्रामीण के नाम खतौनी में दर्ज कर दिया। किसान के प्रार्थना पत्र पर फरिहा के प्रभारी राजस्व निरीक्षक द्वारा रिपोर्ट लगाने एवं एका के प्रभारी राजस्व निरीक्षक द्वारा नायब तहसीलदार के हस्ताक्षरों को सही बताने पर दोनों को निलंबित किया गया है। जबकि चेनमैन (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को निलंबित करने की संस्तुति की है। जमीन को मामला पहले से ही एसडीएम कोर्ट में चल रहा है।
थाना एका के गांव नगला धनी निवासी आस मुहम्मद द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा करने का मामला एसडीएम कोर्ट में विचाराधीन है। इसी दौरान आस मुहम्मद द्वारा खतौनी में नाम दर्ज कराने का प्रार्थना पत्र प्रभारी राजस्व निरीक्षक फरिहा अविनाश कुमार को दिया तो उन्होंने आख्या लगाकर खतौनी में नाम दर्ज करने की संस्तुति कर दी। वहीं प्रार्थना पत्र पर नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर कर उसे खतौनी में दर्ज कराने के लिए चैनमैन (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) सतेंद्र कुमार को दे दिया। हस्ताक्षर फर्जी दिखने पर एका के प्रभारी राजस्व निरीक्षक शिवांस मोहन ने रोक दिया। आरोप है कि दस मिनट बाद ही शिवांस मोहन ने उन्हीं हस्ताक्षरों को सही बता दिया।
लेखपाल अविनाश कुमार को कार्य में लापरवाही बरतते हुए सरकारी जमीन को ग्रामीण के नाम खतौनी करने की आख्या लगाने एवं शिवांस मोहन को फर्जी हस्ताक्षरों को सही बताने पर निलंबित किया गया है। जबकि चैनमेन सतेंद्र सिंह को फर्जी हस्ताक्षर की जानकारी होने के बाद भी उच्चाधिकारियों को न बताने पर डीएम से उसके निलंबन की संस्तुति की गई है।
गलत तरीके से सरकारी जमीन को ग्रामीण के नाम करने पर हुई कार्रवाई
जसराना। एसडीएम कुमार चंद जवालिया ने कहा कोर्ट में विचाराधीन होने के बाद भी सरकारी जमीन को गलत तरीके से ग्रामीण के नाम करने पर अविनाश सिंह एवं शिवांस मोहन लेखपाल को निलंबित किया गया है। जबकि चेनमैन को निलंबित करने की संस्तुति जिलाधिकारी से की गई है।
मामले को लेकर जाएंगे कोर्ट
जसराना। लेखपाल संघ के तहसील मंत्री एवं एका के प्रभारी राजस्व निरीक्षक शिवांस मोहन ने कहा मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है। जबकि उन्होंने तो नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर होने का मामला उठाया था। उन्होंने कहा निलंबन के खिलाफ आंदोलन करने के साथ ही कोर्ट जाएंगे।