हंसना जीवन का सबसे खूबसूरत पहलू है। तन, मन और आत्मा का व्यायाम है हास्य। सेहतमंद रहने के लिए रोज ठहाके जरूर लगाएं क्योंकि आपकी हंसी में आक्सीजन है। पहले लोग एक दूसरे से भावनात्मक रूप से जुडे़ थे तो साथ होने पर कभी-कभी बेवजह भी ठहाके लगा लिया करते थे। लेकिन आज के माहौल में बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच हंसना और हंसाना बहुत मुश्किल हो गया है। आज लोगों को हंसने के लिए कई लॉफ्टर क्लब खोले गए हैं। हंसने से डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की समस्या कंट्रोल हो जाती है। इसके साथ कवि सम्मेलनों में हास्य को प्रमुख स्थान मिला है। ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा हंस कर खुद को तनाव मुक्त कर स्वस्थ रह सकें।
शहर के कई पार्क ऐसे हैं जहां सुबह लोग वॉक और योग के बाद ठहाका मारकर खुद को स्वस्थ बनाए हुए हैं। आवास विकास निवासी संतोष अग्रवाल और बेलनगंज निवासी महेश पालीवाल ने बताया कि सुबह टहलने के बाद ठहाके भी लगाते हैं। पहले इस योग की जरूरत नहीं थी। लेकिन अब इसे योग में शामिल किया गया है, क्योंकि अब लोगों के पास हंसी के लिए समय ही नहीं बचा है।
हास्य कवि पवन आगरी ने कहा कि तनाव के इस दौर में हास्य कवि लोगों के चेहरे पर मुस्कान के लिए बहुत मेहनत करता है। उसका एक ही उद्देश्य होता है कि वह लोगों को ज्यादा से ज्यादा हंसाए और तनाव मुक्त करे। ऐसे में हम विश्व हास्य दिवस पर लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने का संकल्प लें।