World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस बी और सी शुरुआती दौर में बिना स्पष्ट लक्षण के लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। लगातार थकान, वजन घटना, पीलिया या पेट में सूजन जैसे संकेत दिखें तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। इस बीमारी में लिवर में सूजन आ जाती है। अगर लिवर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
संक्रमित रक्त और इंजेक्शन युवाओं को हेपेटाइटिस की बीमारी दे रहा है। इससे लिवर बीमार पड़ रहा है। कार्यक्षमता भी घट रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। यहां पर जांच, इलाज और एंडोस्कोपी की सुविधा निशुल्क है।
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राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. सूर्यकमल वर्मा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी गंभीर वायरल संक्रमण हैं। इसमें लिवर को नुकसान पहुंचता है। ये संक्रमित रक्त और इंजेक्शन से होता है। इसमें लिवर में सूजन, सिरोसिस और कैंसर का खतरा भी है। असुरक्षित यौन संबंधों से भी ये बीमारी पनप रही है।
हेपेटाइटिस क्लीनिक में 30,500 मरीजों की जांच में 2,486 में हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई है। हेपेटाइटिस बी की बात करें तो 33,333 मरीजों की जांच कराने पर 3,877 में बीमारी मिली। इनमें करीब 60 फीसदी युवा हैं। हेपेटाइटिस ए दूषित पानी और भोजन से होता है। यह गंभीर नहीं है और बारिश के मौसम में अधिक होता है।
एक वर्ष में आए 210 मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि मेडिसिन विभाग में जीआई यूनिट में 2025-2026 तक हेपेटाइटिस बी और सी के 210 मरीज आए। इनको खून की उल्टी होने के साथ काला मल आ रहा था। ये लिवर सिरोसिस के लक्षण हैं। इनमें से 88 मरीजों के एंडोस्कोपी की गई। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 8-10 हजार रुपये है। इसके अलावा राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एसएन में जांच और इलाज की निशुल्क सुविधा है। घड़ी वाली बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर कमरा नंबर 52 में हेपेटाइटिस क्लीनिक संचालित हो रही है।
इन लक्षणों पर कराएं जांच
- लगातार थकान रहना, वजन कम होना।
- पेट में सूजन बढ़ना, पैरों में भी सूजन आना।
- पीलिया, त्वचा पर खुजली होना, मानसिक भ्रम।
- पेट में पानी भरना, लिवर के आकार का बढ़ना।