कासगंज के पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिटौना में हाथ धोने के तरीके सीखतीं छात्राएं
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कासगंज। 15 अक्टूबर को हैंडवॉश-डे है। हाथ धुलाई का कोरोना काल में कई तरीकों से महत्व बढ़ गया है। वैसे तो हाथों की धुलाई सेहत के लिए फायदेमंद है यह तो हमेशा ही बताया गया, लेकिन कोरोना काल में जागरूकता और बढ़ गई। हैंडवॉश डे से पहले बच्चों को स्कूलों में हाथ धोने के तरीके सिखाए जा रहे हैं। जिलेभर के स्कूलों में बुधवार को बच्चों को तरीके समझाकर हाथ धुलवाए गए।
हाथ धोना स्वाभाविक है, लेकिन तरीकों के आधार पर हाथ धोए जाएं तो निश्चित ही बीमारियों से बचा जा सकता है। यह सलाह बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को दी। बुधवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय भिटौना, गोरहा, लुहर्रा, ब्रह्मपुरी, गुरहना सहित जिलेभर के तमाम स्कूलों में विद्यार्थियों को हाथ धोने के तरीके बताए गए। विद्यार्थियों ने साबुन से हाथ धोए। शिक्षकों ने स्वयं प्रयोग करते हुए विद्यार्थियों को तरीके बताए। बीएसए ने सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निगरानी के निर्देश भी दिए। कहा कि हाथ धुलाई के तरीके सिर्फ एक विशेष दिन में न सिखाए जाएं, बल्कि इस तरह प्रेरित किया जाए कि बच्चे सदैव तरीके से हाथ धोएं। स्कूलों में तरीके सिखाए जाने के बाद शिक्षकों ने हाथ धोने के फोटो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। जिससे कि जन जागरूकता हो सके।
शासन से निर्देश मिले हैं कि हाथ धुलाई के तरीके स्कूलों में सिखाए जाएं। इस संबंध में सभी खंड शिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए। स्कूलों में बच्चों को हाथ धोने के तरीके सिखाए जा रहे हैं- राजीव कुमार यादव, बीएसए