World Food Day 2020: कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से सुझाए गए खाद्य पदार्थों को भोजन का हिस्सा बनाया जाए तो व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी। नींबू, दही का सेवन बंद न करें, अदरक और हल्दी भी लेते रहें। डायटिशियन का सुझाव है कि यदि ताजा और पौष्टिक भोजन हम परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर खाते हैं, तो वह अधिक फायदेमंद होगा। परिवार के साथ खाने से तनाव दूर होता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटिशियन मिनी शर्मा का कहना है कि गरम मसाले में इस्तेमाल होने वाले अदरक, सोंठ, काली मिर्च, लौंग, दालचीनी, हल्दी का सेवन नियमित रूप से करें तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाएगी।
गुड़ और तुलसी के पत्ते का इस्तेमाल भी करें। उनका कहना है कि इस समय मौसम बदल रहा है। इसमें बुखार, खांसी, गले में खराश की शिकायत बढ़ जाती है। यही लक्षण कोरोना संक्रमण के भी हैं। च्यवनप्राश का भी रोज सेवन करना चाहिए।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- तला-भुना खाने से बचें। ज्यादा समय तक रखा हुआ भोजन न खाएं।
- सुपाच्य भोजन करें। जो कि मौसम के अनुरूप, शुद्ध और ताजा हो।
- एक बार में ज्यादा भोजन करने के बजाय, तीन-चार घंटे के अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाएं।
- भोजन के तत्वों को समूहों में विभाजित करें। अलग-अलग समय के खाने में सभी तत्व आ जाएं।
- पौष्टिक भोजन का सेवन नियमित रूप से करें। तभी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- हाई प्रोटीन डायट के लिए दालों, देशी चना, बेसन आदि का उपयोग कर सकते हैं।
- व्यायाम और परिश्रम जरूरी है। अधिक उम्र के लोग किसी के सहारे से व्यायाम करें।
उपवास में भी लंबे समय तक भूखे न रहें
रेनबो हॉस्पिटल की डायटिशियन सोनल भार्गव का कहना है कि उपवास रखने वालों को ध्यान रखना चाहिए कि वह लंबे समय तक भूखे न रहें, इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।
व्रत में भी पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन जरूर लें। कच्ची चीजों का सेवन सावधानी से करें। कोरोना के संक्रमण का भी दौर चल रहा है। ऐसे में बदलते मौसम में भी नींबू और दही का सेवन बंद न करें। ये रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। सर्दी-जुकाम से बचने के लिए अदरक और हल्दी का भी सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।