बाग अंता, खातीपाड़ा में 20 महीने पहले आरसीसी से 14 लाख रुपये की लागत से सड़क का निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन अब तक यह सड़क बन नहीं पाई। नगर निगम ने निर्माण कार्य पर ना तो आपत्ति लगाई और ना ही काम शुरू किया गया, जबकि सोशल मीडिया पर इस सड़क के निर्माण कार्य को जोर-शोर से प्रचारित किया गया। क्षेत्र के लोग सड़क निर्माण ना होने पर नगर निगम अधिकारियों और मेयर नवीन जैन पर सवाल उठा रहे हैं।
नगर निगम में काम में अड़ंगा लगाने का यह एक और मामला है। राजनगर में नाले के बाद खातीपाड़ा क्षेत्र के बाग अंता की गलियों को आरसीसी से बनाने का प्रस्ताव को 11 फरवरी 2019 को स्वीकृति दे दी गई थी।
पार्षद निधि से इस काम को मंजूरी दी गई। 13 मार्च को मेयर नवीन जैन ने अपने फेसबुक अकाउंट पर इस कार्य की स्वीकृति की जानकारी दी लेकिन तब से अब तक इस सड़क का निर्माण नहीं किया गया। खातीपाड़ा की पार्षद प्रियंका प्रजापति ने इस मामले में पैरवी की तो 25 नवंबर 2019 को नगर आयुक्त ने कार्य को मंजूरी देकर निर्माण शुरू करने के आदेश दिए लेकिन क्षेत्र में लोग अभी सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे हैं।
वार्ड की उपेक्षा कर रहे अधिकारी
नगर निगम के अधिकारी मेरे वार्ड की उपेक्षा कर रहे हैं। जो काम स्वीकृत है, उन्हें भी नहीं किया जा रहा है। यह जनता के काम है और जनता उनकी इस हरकत को ज्यादा दिन बर्दाश्त नहीं करेगी। -प्रियंका प्रजापति, पार्षद, खातीपाड़ा
कब बनेंगी गलियां
सोशल मीडिया पर हमारी गलियों को सीसी से बनाने का प्रचार किया जा रहा है, लेकिन यह बनेंगी कब। अगर नहीं बनानी है तो कम से कम झूठ प्रचार तो ना करो। - चंद्रमोहन शर्मा, निवासी, बाग अंता
सड़क एक, लेकिन एस्टिमेट बनाए दो
गड्ढा मुक्ति अभियान के नाम पर ऐसी सड़कों पर पैचवर्क किया जा रहा है जिनमें गड्ढे नहीं है। वहीं एक ही सड़क के दो काम दिखाकर एस्टिमेट बनाए गए हैं। नौबस्ता से मदिया कटरा तक हॉटमिक्स के जरिए गड्ढा मुक्त करने के लिए 3.07 लाख का एस्टिमेट बनाया गया है तो वहीं दूसरी तरफ मदिया कटरा से तोता का ताल पेट्रोल पंप तक 5.46 लाख का एस्टीमेट है। यह एक ही सड़क है जिसे मदिया कटरा तक शामिल किया गया है।
लोहामंडी-नौबस्ता रोड पर लोगों ने किया प्रदर्शन
लोहामंडी से नौबस्ता रोड पर सड़कों में गड्ढों को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस सड़क पर आधा किलोमीटर लंबाई में जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। एक साल पहले गड्ढे भरने के नाम पर गिट्टी डाली गई थी जो 5 दिन बाद ही उखड़ गई। तब से लेकर अब तक लोग गड्ढों के कारण परेशान हैं।
इन लोगों के साथ प्रदर्शन में मौजूद राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि नगर निगम में बजट ठिकाने लगाने के लिए केवल वही सड़कें बनाई जा रही है जो पहले से अच्छी हालत में हैं। खराब हालत वाली सड़कों को क्यों नहीं बनाया जा रहा, इस मामले में जांच होनी चाहिए। ढाई करोड़ रुपये ठिकाने लगाने वाले इंजीनियरों के खिलाफ कारवाई की जाए।