कासगंज। रविवार से विश्व स्तनपान सप्ताह का शुभारंभ हुआ है। सात दिनों तक अब स्वास्थ्य विभाग आशा और एएनएम के माध्यम से माताओं को जागरूक करेगा। अधिकारियों ने कहा मां का दूध बच्चे को निरोगी बनाता है। आशा और एएनएम को जिम्मेदारी दी है। आशाएं घर-घर पहुंच कर मां के दूध के लिए माताओं को जागरूक करें।
जो माताएं बच्चे को सही समय और सही तरीके से भरपूर स्तनपान कराती हैं, उन्हें बच्चे को लेकर बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है। मां का दूध बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। बीमारियों से लड़ने में मां का दूध बहुत ही कारगर है। जन्म के बाद बच्चे को पहले घंटे में मां का दूध अवश्य मिलना चाहिए।
यदि केवल स्तनपान कर रहा शिशु 24 घंटे में 6 से 8 बार पेशाब करता है। स्तनपान के बाद कम से कम 2 घंटे नींद ले रहा है और उसका वजन हर माह करीब पांच सौ ग्राम बढ़ रहा है तो उसका मतलब शिशु को मां का पूरा दूध मिल रहा है। मां अपने बच्चे को स्तनपान अवश्य कराएं।