बिगड़ी दिनचर्या लोगों को 20-25 साल पहले ही गठिया का शिकार बना रही है। अब तक वृद्धावस्था की बीमारी माना जाने वाला गठिया रोग युवाओं को भी हो रहा है। हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास आने वाले मरीजों में 22 फीसदी युवा हैं। इनका वजन बढ़ा हुआ मिला और पैरों में सूजन भी थी।
चिकित्सकों के अनुसार, घंटों लगातार बैठकर टीवी देखने या फिर कंप्यूटर पर काम करने, फास्ट फूड अधिक खाने, व्यायाम नहीं करने से जोड़ों की यह बीमारी युवाओं को हो रही है।
जिला अस्पताल की हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके गुप्ता ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 150 से अधिक मरीज आ रहे हैं, इनमें से गठिया की परेशानी के 35 से 40 वर्ष की उम्र के 30-35 मरीज युवा होते हैं। पूछताछ में पाया कि वे लगातार कंप्यूटर पर काम करने वाले, घर में लगातार टीवी देखने वाले हैं। एक समय में दो से तीन घंटे तक एक ही स्थान पर लगातार बैठे रहते हैं। इससे उनमें वजन बढ़ने से गठिया की परेशानी हो गई।
एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. सीपी पाल ने बताया कि लंबे समय तक घुटने मुड़े रहने से पैरों में रक्त संचार कम होने लगता है। इससे जोड़ों में सूजन और दर्द होता है। वजन ज्यादा होने से जोड़ों पर अतिरिक्त भार पड़ना भी गठिया की वजह है।
केस एक: घंटों बैठकर टीवी देखती रहती थीं
जयपुर हाउस की 38 साल की महिला टीवी पर घंटों समय बितातीं। वहीं पर खानापीना होता, इससे उनका वजन बढ़ा, पैरों में सूजन होने लगी। डॉक्टरों को दिखाया तो गठिया बताया, वजन कम करने से दर्द में आराम मिला है। मर्ज भी कम हुआ।
केस दो: कैश काउंटर पर करते थे काम
सदर निवासी 36 साल के व्यक्ति की निजी बैंक में कैश काउंटर पर नियुक्ति है। वह घंटों बैठकर काम करते हैं। जगते वक्त घुटनों में दर्द रहता, फिर सूजन भी होने लगी। इसे नजरअंदाज किया। जब दर्द अधिक बढ़ा तो डॉक्टरों को दिखाया, उन्होंने बताया कि गठिया हो चुका है।
यह करें:
- लगातार बैठे नहीं रहें, 30 से 45 मिनट के बाद कुछ मिनट टहलें।
- कुर्सी पर बैठते वक्त पैरों के नीचे छह इंच ऊंचा रखने की व्यवस्था करें।
- रोजाना तीन से पांच किमी साइकिल चलाएं।
- शुगर और वजन को नियंत्रित रखें, रोज आधा घंटा टहलें।
- कुर्सी आरामदायक हो और सीधे बैठकर कार्य करें।
- दर्द निवारक गोली का उपयोग न करें, डॉक्टर को दिखाएं। (डॉ. डीवी शर्मा, हड्डी रोग विशेषज्ञ)