काठमांडू में आगरा के कई मजदूर फंसे हैं। यहां परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। गुरुवार को पीड़ित परिवारों ने कलेक्ट्रेट में डीएम से मिलकर ‘अपनों’ की सकुशल वापसी की मांग की। जिलाधिकारी ने भरोसा दिलाया कि इस संबंध में शासन को लिखा जा रहा और उनकी वापसी के प्रयास जल्द शुरू होंगे।
गौरतलब है कि धनौली, टपरा और अजीजपुर के जूता कारीगर काठमांडू में फंसे हैं। तीनों गांवों के करीब 43 परिवारों के सदस्य वहां भूखे-प्यासे तड़प रहे हैं। परिजनों ने बताया कि जिन कारखानों में वे कार्य करते थे वह तबाह हो चुके हैं। उनके पास न तो पैसे हैं और ना ही पहचान बताने के लिए दस्तावेज। मंगलवार को विधायक कालीचरण सुमन, बसपा जिलाध्यक्ष मलखान सिंह और टपरा के प्रधान महेश चंद के नेतृत्व में पीड़ित परिवारों की महिलाएं और पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंच गए। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर मदद की गुहार लगाई। डीएम से मिलने वालों में हाकिम सिंह, विनोद कुमार, भरत सिंह, राजवीर सिंह, डोरीलाल, भूरी सिंह, राकेश, महेश कुमार आदि शामिल थे।