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घर पहुंचने की आस में टूटी सांस, साथी का शव अमेठी ले जाने को मजदूरों ने बेची साइकिलें

Mon, 11 May 2020 12:06 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
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एक तरफ कोरोना लोगों को निगल रहा है तो दूसरी तरफ सरकारी तंत्र की लापरवाही से भी लोगों की जानें जा रही हैं। गुड़गांव से चलकर साइकिल से अमेठी जा रहे एक मजदूर की मौत हो गई।
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शव को ले जाने के लिए उसके साथियों के पास कोई इंतजाम नहीं था। साथियों ने अपनी साइकिलें बेचकर पैसे जुटाए। रविवार को इसकी जानकारी कांग्रेस के पूर्व विधायक को हुई तो एंबुलेंस की व्यवस्था कराकर शव को अमेठी भिजवाया गया।

अमेठी निवासी फरियाद अली (30) पुत्र भुल्लन सहित उनके भाई उस्मान अली, सुरेंद्र, मुकेश, महेश कुमार आदि गुड़गांव में मजदूरी करते थे। जब मजदूरी खत्म हो गई तो उन्होंने अमेठी जाने का मन बनाया और वह सभी साइकिल से ही अमेठी के लिए चल दिए।
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शनिवार को थाना हाईवे क्षेत्र में फरियाद अली को प्यास लगी। जैसे ही उसने पानी पीया वह तड़पने लगा। मजदूर चिकित्सकीय इलाज के लिए चीखते रहे लेकिन उसको कोई इलाज नहीं मिला और उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके पास शव को अमेठी ले जाने के लिए कोई संसाधन नहीं था।

परेशान मजदूरों ने अपने साथी के शव को ले जाने के लिए अपनी साइकिलें बेच दीं इसके बाद भी जब एंबुलेंस का इंतजाम नहीं हुआ तो मीडिया के माध्यम से कांग्रेस के पूर्व विधानमंडल दल नेता प्रदीप माथुर को जानकारी हुई। उन्होंने डीएम से बातचीत करने के बाद एंबुलेंस का इंतजाम कराया।

उन्होंने बताया कि इसकी सूचना पार्टी नेता प्रियंका गांधी को भी दी है। थानाध्यक्ष सदर बाजार सत्यपाल सिंह ने बताया कि मजदूर के शव को अमेठी भेजा गया है। इस प्रकार के केस में वह मदद कर रहे हैं।
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