ताजनगरी में बढ़ते संक्रमण के मामलों की जांच के लिए दिल्ली से आई दो सदस्यीय केंद्रीय स्वास्थ्य टीम रविवार को हॉटस्पॉट का जायजा लिया। जमीनी हकीकत देखने के बाद हॉटस्पॉट में सख्ती बढ़ाने के लिए प्रशासन को चेताया। टीम ने कहा, अगर लोगों की आवाजाही नहीं रोकी गई, तो संक्रमण बेकाबू हो सकता है। हालात और बिगड़ने के आसार हैं।
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केंद्रीय टीम के प्रभारी डॉ. संजय गुप्ता ने रविवार को पहले एसएन का दौरा किया। यहां जो कमियां मिलीं, उन्हें जल्द दूर करने करने की हिदायत दी। फिर डीएम पीएन सिंह के साथ हॉटस्पॉट की जमीनी हकीकत देखी। यहां कई जगह लोग घरों के बाहर खड़े मिले, इस संबंध में डीएम को सख्ती बढ़ाने के लिए टीम ने चेताया।
डॉ. संजय गुप्ता ने कहा हॉटस्पॉट में सभी तरह की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। ताकि संक्रमण का प्रसार न हो। सभी ओपीडी बंद की जाए। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहें। टीम ने हॉटस्पॉट में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग, डोर-टू-डोर सर्वे, आशा कार्यकत्रियों के बारे में फीडबैक लिया। साथ ही वहां रहने वाले लोगों से आरोग्य सेतु एप के बारे में पूछा। डीएम ने कहा टीम के सुझावों पर हॉटस्पॉट में सख्ती बढ़ाई गई है।
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इन इलाकों में सबसे ज्यादा खतरा...
आगरा में 45 हॉटस्पॉट हैं। इनमें मंटोला ढोलीखार में 38 केस मिल चुके हैं। वजीरपुरा गांधीनगर में 33 पॉजिटिव हैं। एसएन के आसपास क्षेत्र में 59 केस मिले हैं। छत्ता क्षेत्र में 46 और आवास विकास कॉलोनी में 39 केस निकले हैं। जगदीशपुरा-लोहामंडी में 33 और आजमपाड़ा में अब तक 41 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में शहर के इन इलाकों में सबसे ज्यादा संक्रमण का खतरा है। यहां रोज नए केस भी सामने आ रहे हैं।
क्वारंटीन सेंटर से संक्रमण फैला तो डीएम जिम्मेदार
क्वारंटीन सेंटर्स में व्याप्त अव्यवस्थाओं से शासन संतुष्ट नहीं है। कहीं शौचालय नहीं, तो कहीं स्नानगार। ऐसे में अगर संक्रमण फैला, तो सीधे डीएम जिम्मेदार होंगे। मुख्य सचिव ने सभी जिलों के डीएम व कमिश्नर को पत्र लिख क्वारंटीन सेंटर्स के हालात सुधारने के लिए चेताया है।
संस्थागत क्वारंटीन सेंटर मानकों पर खरे नहीं उतर रहे। सामाजिक दूरी का पालन नहीं हो रहा। ऐसे में अगर क्वारंटीन से संक्रमण का प्रसार हुआ तो इससे शासन की छवि खराब होगी। मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने आगरा समेत सभी जिलों के डीएम व कमिश्नर को समय रहते क्वारंटीन सेंटर्स के हालात सुधारने व मानकों के अनुसार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए चेताया है। पत्र में लिखा है डीएम सभी क्वारंटीन सेंटर्स का निरीक्षण करें। कमिश्नर डीएम के निरीक्षण के बाद सेंटर्स की समीक्षा कर नियमित रिपोर्ट शासन को भेजे हैं।
28 दिन बाद भी क्वारंटीन से नहीं छोड़े, न जांच हुईं
क्वारंटीन में 14 से 21 दिन रखने का प्रावधान है, लेकिन आगरा के कई क्वारंटीन सेंटर्स में 28 दिन बाद भी लोग रहने को मजबूर हैं। उन्हें खाना-पीना तो छोड़िए जांच तक नहीं हो पा रही। ऐसे में क्वारंटीन में रह रहे लोग अब इन्हें यातनागृह का नाम दे रहे हैं।
वहीं इस संबंध में डीएम प्रभु एन सिंह ने कहा कि बीते सात दिनों में 650 से अधिक लोगों ने क्वारंटीन पीरियड पूरा किया है। जिन लोगों की 21 दिन बाद भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं। उन्हें क्वारंटीन में 14 दिन और रहना पड़ेगा। क्वारंटीन से सिर्फ उन्हीं लोगों को छोड़ा जा रहा है जिनकी तीन रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले में 21 क्वारंटीन सेंटर्स हैं, इनमें फिलहाल 226 लोग क्वारंटीन हैं।
कमिश्नर ने कहा, क्वारंटीन में तय हो अधिकारियों की जवाबदेही
मंडलायुक्त अनिल कुमार ने रविवार को मेडिकल क्वारंटीन व संस्थान क्वारंटीन सेंटर्स के अलावा आश्रय स्थलों के लिए भी डीएम को नोडल अधिकारी नामित करने के आदेश दिए हैं। कमिश्नर ने कहा क्वारंटीन में तैनात अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए समीक्षा बैठक में नए क्वारंटाइन सेंटर के लिये माउंट लिट्रा स्कूल, फतेहाबाद रोड तथा ग्लोबल आगरा कांवेन्ट स्कूल, को चिह्नित करने की बात कही। कमिश्नर ने कहा, इन केंद्रों पर पहले समस्त तैयारियां पूरी कर ली जायें। इसके बाद प्राथमिक, द्वितीयक संपर्क में आए लोगों को वहां भेजा जाये। उन्होंने क्वारंटाइन सेंटरों का नियमित निरीक्षण के आदेश सीएमओ को दिए हैं।