आगरा। उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दिल्ली से मुंबई के बीच तीसरी रेल लाइन का काम आगरा मंडल में अगले माह यानि अगस्त तक पूरा हो जाएगा। आगरा-झांसी रेल मंडल में लगभग 102 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक का कार्य इस साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा ट्रेनों में सोलर पैनल लगाकर ट्रेनों में पंखे और एसी भी सौर ऊर्जा से चलाने की योजना पर काम चल रहा है।
आगरा कैंट रेलवे स्टेशन के विश्रामघर में शनिवार की देर शाम मीडिया से बातचीत में जीएम त्रिपाठी ने बताया कि आगरा मंडल के साथ ही पूरे जोन में चल रहे विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे करने को कहा गया है। इनमें तीसरी रेल लाइन भी शामिल है। इसके साथ ही आगरा मंडल में करीब 42 किमी लंबे ट्रैक का काम चल रहा है।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि स्टेशनों पर न सिर्फ कोविड-19 की जांच की व्यवस्था है बल्कि यात्रियों को शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क लगाने के लिए भी जागरूक किया जाता है। मास्क नहीं लगाने वालों से जुर्माना भी वसूला जा रहा है। कोरोना का ग्राफ जैसे-जैसे गिर रहा है, वैसे-वैसे यात्री सुविधाएं बहाल की जा रही हैं।
जीएम ने बताया कि बारिश के दौरान रेल अंडरपास (आरयूबी) पर पानी भरे जाने की समस्या का भी समाधान निकाला गया है। प्रत्येक आरयूबी पर पंपिंग मशीन की व्यवस्था की गई है। जलभराव होने पर इसकी मदद से आरयूबी पर भरे पानी को निकाला जाएगा। अंडरपास की दीवारों पर संबंधित कर्मचारियों के मोबाइल नंबर भी लिखे गए हैं। वह इन नंबरों पर फोन कर उन्हें सूचित कर सकते हैं।
जीएम ने बताया कि स्टेशनों पर सस्ता पेयजल उपलब्ध कराने को लगाए गए वाटर वेडिंग मशीनों को हटाया जाएगा। उनका कहना है कि इन मशीनों का उपयोग नहीं हो पा रहा है। आईआरसीटीसी ने जिस कंपनी के माध्यम से इन्हें लगवाया था, वह इसका रखरखाव नहीं कर पा रही है। ऐसे में इन्हें हटाया जाएगा। कई जगह खारे पानी की वजह से भी यह सफल नहीं हो सकीं।