मोक्ष की कामना लिए वृंदावन वास को आने वाली विधवाओं के लिए देश का पहला और अत्याधुनिक महिला आश्रय सदन स्वधार गृह बनकर तैयार है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की स्वधार योजना के अंतर्गत प्रदेश सरकार के सहयोग से 3.5 एकड़ में हजार बेड की क्षमता वाले स्वधार गृह का निर्माण पूरा हो गया है।
लगभग 58 करोड़ की लागत से बने इस स्वधार गृह में सभी सुख सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं हैं। मोक्ष की कामना लिए देश के अन्य प्रदेशों से आने वाली विधवाओं के लिए कान्हा की क्रीड़ा स्थली वृंदावन शरणस्थली बन गई है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विधवाओं को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 29 मार्च 2016 में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका संजय गांधी ने नगला रामताल में 1000 बेड का स्वधार गृह की आधारशिला रखी।
केंद्र सरकार ने निर्माण का कार्य एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंट्रक्शन कारपोरेशन) को दिया। एनबीसीसी ने निर्माण का जिम्मा जयकान कंट्रक्शन का दे दिया। 22 महीने चले निर्माण के बाद आश्रय सदन तैयार है।
जयकान कंट्रक्शन के डीजीएम अश्विन आहूजा ने बताया कि हमारी ओर से काम पूरा हो गया है। एनबीसीसी को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दे दी है।
कार्य हो गया पूरा
महिला आश्रम सदन में बने कमरे
- फोटो : अमर उजाला
जिला प्रोवेशन अधिकारी अनुराग ने बताया कि स्वधार गृह के उद्घाटन की तिथि अभी नहीं मिली है। वहीं जयकान कंट्रक्शन के सहायक योजना प्रबंधक ब्रजेश कुमार का कहना है कि आश्रय सदन देश का पहला है जो वृंदावन में बना है।
आश्रय सदन के दो ब्लाक मीरा सदन और राधा सदन में 100 कमरे बनाए गए हैं। हर कमरे में 10 विधवा माताओं के रहने के लिए बेड, अलमारी, मेज की व्यवस्था की गई है। इमारत में दो लिफ्ट भी लगाई गईं हैं।
3.5 एकड़ में बने तीनमंजिला इस इमारत में महिलाओं को हर वक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसके लिए डिस्पेंसरी, नर्स स्टेशन, डाक्टर रूम का निर्माण किया गया है।
वहीं 200 महिलाओं के लिए मेस, योगा रूम, वाटर बाडी, चार गजीनो, फांउटेन, मंदिर के साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। 24 घंटे विद्युत व्यवस्था के लिए हाईपावर जेनरेटर, चार सोलर पैनल के साथ सुरक्षाकर्मी की व्यवस्था है।