आगरा। नगर निगम में 1772 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट लेकिन मोहनपुरा के लोग तीन साल से पानी के लिए तरस रहे हैं। बृहस्पतिवार को सदन की बैठक शुरू होने से पहले महिलाओं ने नगर निगम सदन के गेट पर प्रदर्शन कर पानी की मांग की। यह मोहल्ला डीएम आवास के पीछे बसा है। जोरदार प्रदर्शन की वजह से सदन की बैठक 50 मिनट देरी से शुरू हो सकी।
क्षेत्रीय पार्षद हर्षित शर्मा की अगुवाई में महिलाओं ने नगर निगम के बजट अधिवेशन से पहले प्रदर्शन किया। महिलाएं उसी जगह पहुंचीं, जहां सदन कक्ष है। यहां नारेबाजी करते हुए पानी मांगा। सहायक नगर आयुक्त सरिता सिंह ने ज्ञापन लिया और जलकल के इंजीनियरों को मौके पर भेजा। पार्षद ने बताया कि मोहनपुरा में छीपीटोला लाइन से पानी नहीं आ रहा लेकिन यहां शाहगंज और छावनी से भी दो पाइपलाइन आती हैं। उन्हें चालू करा दें तो पानी का संकट दूर हो जाएगा। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने शनिवार तक का समय मांगा है। प्रदर्शन में संजय, सबीना, असलम, अमित, रामवती, किरन, ज्योति, धर्मवती, लक्ष्मी आदि मौजूद रहे।
तीन साल से दिया जा रहा झांसा
- हम लोगों को तीन साल से झांसा दिया जा रहा है लेकिन पानी नहीं दिया जा रहा। यहां तीन लाइनें पड़ी हुई हैं लेकिन समस्या दूर नहीं कर रहे। फायदा 1700 करोड़ के बजट का है जब क्षेत्र में पानी के लिए लोग भटकें। - हर्षित शर्मा, पार्षद, मोहनपुरा
करोड़ों रुपये खर्च फिर भी पानी नहीं- हजारों करोड़ रुपये नगर निगम खर्च कर रहा है लेकिन हमारे लिए पानी की व्यवस्था नहीं कर पा रहा। यह कैसा मजाक है? डीएम के घर के पीछे रहते हैं, पर पानी के लिए तरसते हैं। - खुशबू, निवासी, मोहनपुरा
कांग्रेसियों पर होगी प्राथमिकी, 4 कर्मी हटाए गए
नगर निगम सदन के दौरान 11 मई को गेट पर नारेबाजी, प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ नगर निगम प्राथमिकी दर्ज कराएगा। मोहनपुरा की महिलाओं के प्रदर्शन के बाद मेयर हेमलता दिवाकर ने सदन में कहा कि यह रोजाना की बात हो गई है। इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएं। वह ज्ञापन देने आए थे तो डंडे क्यों लाए? नगर आयुक्त संतोष कुमार ने सदन में बताया कि जिन 4 कर्मचारियों की ड्यूटी गेट पर थी, उन्हें हटा दिया गया है। दोबारा ऐसा न हो, इसलिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। धरने का स्थान तय है, वहीं प्रदर्शन करें।