आगरा के दयालबाग स्थित ओम नगर और देवी नगर के 2 दर्जन से अधिक इलाकों में लोग जल संकट से परेशान हैं। बुधवार को महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि 3 दिन से पानी के लिए परेशान हैं। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हो रहा है।
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बुधवार को महिलाओं ने प्रदर्शन कर जल निगम और जलकल के खिलाफ नारेबाजी की। महिलाओं का कहना था कि दयालबाग में एक टंकी है। इससे ही गंगाजल की सप्लाई होती है। मगर, इससे पूर्ति नहीं हो पाती है। गर्मी में पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। क्षेत्रीय निवासी सौरभ चौधरी ने बताया कि 15वें वित्त आयोग से 2.84 करोड़ रुपये से लाॅयर्स कालोनी से नगला हवेली के बीच 5 किलोमीटर लाइन डालने और टंकी बननी थी। बजट स्वीकृत हो गया था। मगर, लाइन को मुख्य लाइन से जोड़ा जाना था। मगर, ऐसा नहीं हुआ।
नगला हवेली और ट्रांस यमुना की सप्लाई शुरू
मंगलवार सुबह नगला हवेली में 6 इंच की गंगाजल की लाइन और जलकल कार्यालय के बाहर 30 इंच की लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। दोनों लाइन को ठीक करा दिया गया है। इससे लाइन में सप्लाई शुरू हो गई।
1880 की लाइन चल रही, 1996 की लाइन बदल रहे
ब्रिटिश काल में 1880 में पुराने शहर में लोहे के पाइप से पानी की सप्लाई शुरू हुई थी। यह लाइन छत्ता स्थित वाटर वर्क्स से जीवनी मंडी चौराहे तक बिछी हैं। इस लाइन के फटने की समस्या काफी कम है। लीकेज होने पर लाइन आसानी से ठीक भी हो जाती है। सिकंदरा में पंपिंग स्टेशन की सीमेंटेड पाइप लाइन कई बार फट चुकी है। अब इसकी जगह पर लोहे की पाइप लाइन डालने का काम किया जाना है। मगर, पुराने शहर में बिछी लाइन पर अब भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पार्षद रवि बिहारी माथुर ने बताया कि लाइन को बदलने के लिए कई बार पत्र लिखे हैं। मगर, समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
नहीं मिला मुआवजा, लोग परेशान
शनिवार को कैलाश स्थित पंपिंग स्टेशन के पास लाइन फटने से मनोज शर्मा के मकान में पानी भर गया था। उनके घर में गेहूं, इलेक्ट्रिक स्कूटर, फ्रिज, फर्श आदि खराब हो गए थे। मनोज शर्मा के भाई विनय शर्मा ने बताया कि घर में काफी कुछ नुकसान हुआ। विभागीय अधिकारियों ने नुकसान की भरपाई की बात कही थी। मगर, 4 दिन बाद भी कुछ नहीं हुआ है। उन्हें अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है।