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'आरव मुझे अच्छा लगता है': अकेलापन दूर करने के लिए पांच महीने का बच्चा चुराया, फोन ने बता दिया पुलिस को पता

Sun, 27 Apr 2025 10:42 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

ग्रामीणों का कहना है कि महिला ने अकेलापन दूर करने के लिए नहीं बल्कि किसी और इरादे से बच्चे को अगवा किया था।
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अस्पताल में आया रह चुकी है राजेश्वरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के मैनपुरी स्थित दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव नगला टिकुरिया से बीते 21 अप्रैल को अगवा 5 माह के आरव को पुलिस ने सकुशल ढूंढ निकाला। अपना अकेलापन दूर करने के लिए गांव की ही एक विधवा ने आरव को अगवा कर लिया था। रविवार को एसपी सिटी अरुण कुमार सिंह ने वारदात का खुलासा किया। आरोपी महिला राजेश्वरी देवी (53) का चालान कर जेल भेज दिया गया है।

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औडेंन्य मंडल से हुई गिरफ्तार
पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी राजेश्वरी देवी (53) को प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र पाल सिंह ने टीम के साथ गांव औडेंन्य मंडल से गिरफ्तार किया। उसके पास से गांव नगला टिकुरिया निवासी अंबेश कुमार का अगवा किया गया पुत्र आरव बरामद हो गया।

अकेलापन दूर करने के लिए चुराया बच्चा
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपी महिला ने बच्चे के अपहरण का अपराध कबूल कर लिया है। वजह पूछने पर उसने बताया कि उसके पति की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। दो बेटे हैं जो शादी के बाद से अलग रहते हैं। वह कई वर्षों से अकेले ही जीवन यापन कर रही है। उसका अंबेश के घर पर आना-जाना था। आरव को गोद में खिलाना और उसके साथ समय बिताना अच्छा लगता था। अपना अकेलापन दूर करने के लिए ही उसने मां सुनीता देवी के पास चारपाई पर सोते समय आरव को उठा कर साथ ले गई थी। एसपी सिटी ने बताया कि बच्चे का मेडिकल कराया गया है। आरोपी महिला को न्यायालय के समक्ष पेश जेल भेज दिया गया है।

आरोप- महिला के साथ पकड़े गए युवक पर नहीं की कार्रवाई
आरव के लापता होने के बाद से माता-पिता बदहवास थे। खाना-पीना छोड़कर वे लगातार उसे ढूंढ रहे थे लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग रहा था। रविवार को आरव के मिलने की खबर मिलने पर परिजन व ग्रामीण थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि महिला के साथ पुलिस ने एक युवक को भी पकड़ा है लेकिन युवक पर कोई कार्रवाई नहीं की। उधर, पुलिस का कहना है कि युवक को पूछताछ के लिए लाया गया था। अगर उसकी संलिप्तता पाई जाएगी तो उस पर भी कार्रवाई होगी।

फोन की लोकेशन बनी मददगार
परिजन ने राजेश्वरी पर शक जाहिर करते हुए पुलिस को उसका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने नंबर को सर्विलांस पर लगाया। नंबर की लोकेशन कई बार बदली। भोगांव क्षेत्र में भी मोबाइल की लोकेशन मिली। रविवार को पुलिस ने फोन के लोकेशन के जरिए राजेश्वरी को गिरफ्तार किया।
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अस्पताल में आया रह चुकी है राजेश्वरी
बच्चे के अपहरण को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि महिला ने अकेलापन दूर करने के लिए नहीं बल्कि किसी और इरादे से बच्चे को अगवा किया था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ वर्ष पहले महिला शहर के एक चर्चित अस्पताल में आया का काम भी कर चुकी है। हालांकि पुलिस अपहरण को लेकर किसी अन्य वजह से इनकार कर रही है।
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