सांसद सुमन पार्टी मुखिया अखिलेश यादव के निर्देश पर बुलंदशहर में दलित उत्पीड़न की घटना पर पीड़ितों को सांत्वना देने जा रहे थे। उनके काफिले में 25 से अधिक गाड़ियां शामिल थीं। काफिले के अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा पहुंचने पर राजपूत करणी सेना ने सुमन के काफिले पर पथराव कर दिया। टायर फेंके।
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किसी तरह सांसद जान बचाकर वहां से निकले। बुलंदशहर पहुंचने पर प्रशासन ने सांसद सुमन को आगरा वापस भेज दिया। सांसद सुमन ने कहा पहली बार हमला करने पर हमलावरों के खिलाफ पुलिस प्रशाशन ने कोई करवाई नहीं की। इसलिए हमलावरों की हिम्मत बढ़ गई है। बार-बार मुझे जान से मारने की कोशिश की जा रही है। मुझे कुछ होता है तो योगी सरकार इसके लिए जिम्मेदार होगी।
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सांसद सुमन ने कहा पुलिस और सरकार के इशारे पर मुझ पर प्राण घातक हमला हुआ। 100 से अधिक लोगों ने गाड़ियों पर ईंट-पत्थर फेंके। हमले में एक दर्जन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं हैं। उन्होंने कहा कि दलितों की आवाज कुचलने के लिए सरकार की शह पर साजिश हो रही है।
उधर हमले के बाद करणी सेना के ओकेंद्र राणा ने वीडियो जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है। कहा जब तक तोड़ेंगे नहीं, छोड़ेंगे नहीं। इससे पहले 26 मार्च को करणी सेना ने सपा सांसद रामजीलाल सुमन के आगरा आवास पर हमला किया था। घर में तोड़फोड़ की गई। गाड़ियां तोड़ी गईं थीं। सपा सांसद के घर हमले के मामले में हरीपर्वत क्षेत्र में दो मुकदमे भी दर्ज हुए थे।