आगरा जिले में अपने बेटे को बचाने के लिए मां ने जान दे दी। घटना बाह क्षेत्र के गांव बिजकौली है। यहां बच्चों के बीच हुए विवाद में मंगलवार की रात रामब्रेश और होराम सिंह पक्ष में जमकर लाठी डंडे चले। मारपीट के दौरान बेटे होराम को बचाने के लिए मां चंद्रकांता (58) उसके ऊपर लेट गई। इस पर हमलावरों ने पीट-पीटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने दोनों पक्ष की तहरीर पर एनसीआर दर्ज की। महिला की मौत पर एसओ ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बिजकौली निवासी होराम सिंह के बेटे राहुल और रामब्रेश के बेटे संजय के बीच मंगलवार की रात हुए झगड़े ने देखते ही देखते तूल पकड़ लिया। रात करीब आठ बजे दोनों पक्ष आमने सामने आ गए। इनके बीच जमकर लाठी-डंडे चले। इस दौरान मंदिर जा रही होराम की मां चंद्रकांता पहुंच गई। बेटे होराम को लाठी से पीटते देख वो चीखते-चिल्लाते बेटे के ऊपर ही लेट गई।
महिला पर बरसाईं लाठियां
इस पर हमलावरों ने उस पर भी बेरहमी से लाठियां बरसाईं। जिससे चंद्रकांता बेहोश हो गई। जबकि बाल किशन, राहुल, होराम सिंह, रामब्रेश की पत्नी सावित्री देवी, संजय आदि घायल हो गए। सूचना पर पहुंची बाह पुलिस ने घायलों को सीएचसी बाह पर पहुंचवाया। जहां पर चिकित्सकों ने चंद्रकांता को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में पुलिस ने होराम सिंह की तहरीर पर रामब्रेश, संजय, विजय, रामनरेश, तथा रामब्रेश की तहरीर पर बॉबी, होराम, भूरेलाल, राहुल के खिलाफ एनसीआर दर्ज की है। इंस्पेक्टर बाह प्रदीप कुमार पाण्डेय ने बताया कि महिला के शरीर पर बाहरी चोट नहीं थी। शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मंदिर पर कोरोना कीर्तन में जा रही थी चंद्रकांता
परिजनों ने बताया कि मंगलवार को रात आठ बजे वो घर से मंदिर के लिए निकली थी। बेटा होराम सिंह पर हमले की जानकारी पर मौके पर पहुंच गई। उनके साथ कीर्तन करने वाली नवीन, सरोज, केशा देवी, शिवानी, खुशबू, विनोद, मूर्तिश्री आदि ने बताया कि वो रोजाना कोरोना से मुक्ति की प्रार्थना करती थी।