अब इसे किसी की शरारत कहें या फिर तंत्र-मंत्र में घिरे लोगों की करतूत। जो भी हो लेकिन महिलाओं में जबरदस्त दहशत है। राजस्थान और हरियाणा से सटे उत्तर प्रदेश के जनपदों में भी अचानक चोटी कटने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। मथुरा में ही छह महिलाओं की चोटी कट चुकी है।
अब चोटी बचाने के लिए औरतों ने खेतों पर अकेले जाना बंद कर दिया है। समूह बनाकर जा रही हैं। चोटी की जगह जूड़ा बांधने लगी हैं। वहीं गांव के मर्द भी निगरानी में जुट गए हैं।
हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में तो महिलाओं की चोटी कटने के मामले सामने आ रहे थे लेकिन उत्तर प्रदेश में इस तरह की घटनाएं सुनने को नहीं मिल रही थीं। लेकिन अब उत्तर प्रदेश और राजस्थान से सटे मथुरा जिले के इलाकों में भी चोटी कटने लगी है।
मथुरा के नंदगांव में सबसे पहली घटना 30 जुलाई को हुई थी। यहां नंदगांव के पड़ोस में भड़ौखर गांव में एक महिला की चोटी कट गई थी। 31 जुलाई को नंदगांव क्षेत्र के लौहरबारी गांव में हल्ली सिंह की पत्नी कृष्णा की चोटी कट गई। इन दो मामलों से क्षेत्र में दहशत है। महिलाओं ने चोटी की जगह जूड़ा बांधना शुरू कर दिया है। खेतों पर काम करने के लिए समूह बनाकर जा रही हैं।
महराना, गिडोर, बदनगढ़, संकेत, रीठोरा गांव में तो संदिग्ध लोगों की निगहबानी शुरू हो गई है। अगर कोई अनजान व्यक्ति गांव में दिखता है तो उससे पूछताछ की जाती है। ग्रामीण भी जंगल में घूमकर चोटी कटने की घटनाओं की हकीकत जानने में लगे हैं।
वेदपाल, खुशी सिंह, रामौतार और प्रदीप ने बताया कि ऐसे किसी की चोटी कैसे कट सकती है। इसके पीछे कुछ तो है। लिहाजा सभी लोग मिलकर नजर रखे हुए हैं। फरह, कोसीकलां और सौंख क्षेत्र में दहशत के मारे महिलाएं घरों से बाहर निकलने में भी डर रही हैं।