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आगरा: अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टर के हाथ में कंडोम देख घबरा गई महिला, शोर सुनते ही मच गया हंगामा 

Sat, 23 Apr 2022 04:07 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

लेडी लॉयल में इलाज के लिए आई गर्भवती महिला ने अल्ट्रासाउंड के बहाने डॉक्टर पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के बाद हंगामा हो गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी  है।
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condom - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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आगरा के लेडी लॉयल अस्पताल में मरीज ने शनिवार को अल्ट्रासाउंड करते वक्त चिकित्सक पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। इस पर परिजनों ने हंगामा किया और पुलिस को सूचना दी। मरीज ने डॉक्टर के खिलाफ थाना नाई की मंडी में तहरीर दी है। प्रमुख अधीक्षक ने भी मामले की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।

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फतेहपुर सीकरी निवासी 25 साल की महिला का कहना है कि वह एक महीने की गर्भवती है। शनिवार को दवा लेने के लिए लेडी लॉयल आई थी। महिला का आरोप है कि अल्ट्रासाउंड करने वाले डॉक्टर ने कहा कि शौचालय में पेशाब करके आओ। लौटकर आई तो उन्होंने केबिन बंद कर लिया और अंडर गारमेंट्स उतारने के लिए कहा। कंडोम भी हाथ में ले लिया।

इस पर महिला घबरा गई और अल्ट्रासाउंड कराने से मना कर दिया। इस पर डॉक्टर गुस्से में आ गया और पर्चा फेंककर बोला, जब अल्ट्रासाउंड नहीं कराना तो आईं क्यों। इसकी जानकारी उसने अपनी सास को दी। लोहामंडी रहने वाले भाई को बुला लिया। इस पर परिजनों ने हंगामा कर दिया। 112 नंबर पर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस आई और परिजनों को शांत किया। मरीज ने पुलिस को तहरीर दी है। 

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चिकित्सक ने यह कहा 

आरोपी चिकित्सक का कहना है कि ये पेशाब नहीं रोक पा रही थी और गर्भस्थ शिशु कम दिनों का है। पेशाब की थैली पूरी भरने पर ही बच्चेदानी स्पष्ट दिखाई देती है। कम दिनों की गर्भवती थी। इस कारण पेट से अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा था, ऐसी स्थिति में दूसरे तरीके से योनि मार्ग से अल्ट्रासाउंड करते हैं। पेशाब लीक नहीं हो, इसके लिए मरीज को पेशाब करके आने को कहा। अल्ट्रासाउंड स्कैनर पर कंडोम लगाया जाता है। इससे मरीज को गलतफहमी हो गई।

तीन चिकित्सकों को जांच सौंपी 

प्रमुख अधीक्षक डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि अल्ट्रासाउंड की ये प्रक्रिया है। महिला गलतफहमी की शिकार हो गई। फिर भी मरीज की शिकायत पर आंतरिक जांच भी कराई जा रही है। इसके लिए वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. ज्योत्सना भाटिया, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके मिश्रा और एनेस्थीशियन डॉ. बीपी सिंह को जांच सौंपी है। इनसे 48 घंटे में रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट को प्रशासन और शासन को भेजा जाएगा। 

रोजाना 50 से 60 अल्ट्रासाउंड, एक ही चिकित्सक

लेडी लॉयल में रोजाना 50 से 60 गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड होते हैं। अस्पताल में एक ही रेडियोलॉजिस्ट है, जो गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड करते हैं। अल्ट्रासाउंड करते वक्त कक्ष में महिला स्टाफ की नियुक्ति होती है, लेकिन वह भी मौके पर नहीं थी। प्रमुख अधीक्षक का कहना है कि महिला स्टाफ की ड्यूटी रहती है, कैसे उपस्थित नहीं रहीं, इसकी भी पता करता हूं। 
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