कासगंज। कटेंमेंट जोन की एक गर्भवती महिला को कोरोना के डर से न तो जिला अस्पताल में इलाज दिया गया ना ही किसी निजी चिकित्सक ने। यहां से बहार ले जाओ, यहां से बाहर ले जाओ सुनते सुनते इलाज के अभाव में गर्भवती ने अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। इससे परजिनों में कोहराम मच गया।
सरस्वती पत्नी धीरेंद्र निवासी गली जाटवन मोहल्ला नवाब आठ माह की गर्भवती थी। उसे अचानक रक्त स्राव शुरू हो गया। इस पर 108 एंबुलेंस को बुलाया गया। काफी देर तक नहीं आने पर परिजन उसे टेंपों से जिला अस्पताल ले गए। वहां किसी चिकित्सक ने उसे नहीं देखा और कह दिया बाहर ले जाओ।
जब जिला अस्पताल में इलाज नहीं मिला तो परिजन उसे पास के ही नर्सिंगहोम में ले गए। वहां भी जवाब मिला, बाहर ले जाओ। इसके बाद परिजन उसे निजी एंबुलेंस के माध्यम से अलीगढ़ ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में महिला की मौत हो गई।
सात साल का एक बेटा है
कासगंज। मृतक सरस्वती की शादी 10 साल पहले हुई थी। उसके एक सात साल का बेटा है। दूसरे बच्चे के गर्भ के दौरान उसकी मौत हो गई। मां की मौत हो जाने के बाद सात साल का यह बालक अब मां के दुलार से वंचित हो गया है।
पुलिस ने दिखाई मानवता
कासगंज। शहर के पीर छल्ला इलाके में पिछले दिनों कोरोना पॉजिटिव मामला सामने आने के बाद इस इलाके के काफी बड़े हिस्से को कंटेमेंट जोन में शामिल कर लिया गया है। गली जाटवन भी कंटेमेंट जोन में शामिल होने के कारण सील है। इलाके के बाहर तैनात पुलिस कर्मियों को जब टेंपों में गर्भवती महिला के गंभीर हालत में जानकारी मिली तो उन्होंने बल्लियों को हटाकर टेंपों को अस्पताल तक जाने के लिए रास्ता देकर मानवता दिखाई।
मामले की होगी जांच
गर्भवती महिला को जिला अस्पताल पर इलाज न दिए जाने के मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी कर्मी का दोष सामने आता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ