जंगली जानवर के हमले में घायल मां-बेटी।
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दर्द सहकर भी मुस्कुराती है मां, अपनी औलाद पर जीवन लुटाती है मां... किसी कवि की यह पंक्तियां मंगलवार को जैतपुर के नौगवां में हकीकत बनती दिखीं। दोपहर के समय घर में घुसकर एक जंगली जानवर ने तीन साल की मासूम बच्ची पर हमला किया तो बेटी को बचाने के लिए मां वन्यजीव से निहत्थे ही भिड़ गई। महिला की हिम्मत से हारकर जानवर भाग गया। हालांकि, हमले में मां-बेटी घायल हो गईं। उन्हें इलाज के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में भर्ती कराया गया। मोहल्ले के लोग हमलावर जानवर को तेंदुआ बता रहे हैं, लेकिन वन विभाग ने तेंदुआ होने से इन्कार किया है।
नौगवां निवासी आशीष ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे उनकी पत्नी रीमा घर में बर्तन धो रही थीं। पास में ही तीन साल की बेटी अर्पिता खेल रही थी। तभी दीवार फांदकर घर में घुसे वन्यजीव ने बेटी पर हमला कर दिया। मासूम की चीख निकली तो बेटी को बचाने के लिए पत्नी वन्यजीव से भिड़ गईं। चीखपुकार सुनकर मोहल्ले के लोग आ गए। वन्यजीव के हमले में रीमा के सिर पर चोट आई लेकिन उन्होंने जानवर को भगा दिया। अर्पिता के भी सिर और चेहरे पर भी काटने के निशान हैं।
परिवार और गांव में तेंदुआ के हमले का शोर मच गया। आशीष ने बताया कि हमले के दौरान वह घर पर नहीं थे। बस्ती के लोग तेंदुआ बता रहे हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से एसएन रेफर कर दिया गया। जैतपुर के रेंजर कोमल सिंह ने बताया कि नौगवां क्षेत्र में तेंदुआ कभी दिखा नहीं है। हमला करने वाला जानवर लकड़बग्घा या सियार हो सकता है। वन विभाग की टीम मौके पर गई थी। वन्यजीव की पहचान कराई जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया है।