बाह। जैतपुर एवं बाह क्षेत्र में गर्मी की तपिश बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती बढ़ गई है। कई इलाकों के लोग पीने के पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण महिलाएं सिर पर बर्तन रख कर नलकूपों से पानी लाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जैतपुर में 24 घंटे में महज 7-8 घंटे ही बिजली मिलती है। इस दौरान भी कटौती झेलनी पड़ रही है। समाजसेवी कुलदीप भदौरिया ने बताया कि गर्मी में बिजली कटौती ने बेचैनी बढ़ा दी है। सड़क किनारे के ट्रांसफाॅर्मरों पर सुरक्षा जाली नहीं लगाई है, जिससे हादसे का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने शेड्यूल के मुताबिक बिजली सप्लाई देने की मांग विभागीय अधिकारियों से की है।
जैतपुर के अलावा पाठकपुरा, देवपुरा, अभयपुरा, बासौनी, भदरौली बिजली घर क्षेत्र में बिजली कटौती बढ़ने की वजह से ग्रामीण पीने का पानी भी नहीं भर पा रहे हैं। ग्रामीण महिलाएं मझटीला, नीमडाडा, चमरौआ, मंगदपुर में सिर पर बर्तन रख कर नलकूपों तक दौड़ लगाने को मजबूर हैं। रामकली, सोनवती, मिथलेश, मीना, रेखा ने बताया कि भीषण गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के चक्कर में बीमार होने का खतरा बढ़ गया है। गांव के अधिकांश हैंडपंप खराब पड़े हैं। बिजली कटौती के चलते सबमर्सिबल पंप से भी पानी नहीं भर पा रहे हैं।
इसी तरह इरादतनगर क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र इरादतनगर, मिहावा, बृथला, कुर्राचित्तरपुर, इनायतपुर, बाद से संचालित गांवों भीषण गर्मी में बिजली सुचारू न होने के चलते ग्रामीण परेशान हैं। रोस्टर के अनुसार देहात क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत सप्लाई होनी चाहिए, लेकिन केवल 10 से 12 घंटे ही विद्युत सप्लाई दी जा रही है। गांव के बनवारी लाल, अमर सिंह, कप्तान सिंह, रविंद्र कुमार ने बताया कि रोजाना दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक विद्युत आपूर्ति काट दी जाती है रात में भी बार-बार बिजली कटने के चलते लोगों की नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है। संवाद
वहीं, विद्युत उपकेंद्र लादूखेड़ा से संचालित 25 गांवों में भीषण गर्मी में बिजली सुचारू न होने के चलते ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि देहात क्षेत्र में 18 घंटे विद्युत सप्लाई का रोस्टर है। लेकिन केवल 10 घंटे ही विद्युत सप्लाई दी जा रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।