आगरा में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) का उत्तरी बाईपास तैयार हो चुका है। हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग भी 20 दिन में पूरी हो जाएगी। अगले महीने से उत्तरी बाईपास को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा। इससे आगरा से खंदौली तक का सफर 20 मिनट में पूरा हो जाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव ने बताया कि मथुरा के रैपुरा जाट से खंदौली के बीच उत्तरी बाईपास बन गया है। इसकी दूरी 14 किमी है। इसे आगरा-दिल्ली हाईवे के चैनल नंबर 174 से यमुना एक्सप्रेसवे के चैनल नंबर 141 से जोड़ दिया है। इसके मध्य से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। इसको शिफ्ट करते हुए ऊंचाई बढ़ाई जाएगी।
एक शटडाउन मिल गया है, दूसरा भी अगले सप्ताह मिल जाएगा। 20 दिन में ये कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद दिसंबर में उत्तरी बाईपास पर वाहनों का संचालन होने लगेगा। इससे लोग 20 मिनट में खंदौली पहुंच जाएंगे। समय, ईंधन बचेगा और जाम से भी मुक्ति मिलेगी। अभी लोगों को सिकंदरा, भगवान टॉकीज, वाटरवर्क्स और रामबाग से होकर खंदौली पहुंचते हैं।
इसमें लोगों को 45 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। इसको पूरा करने में एक घंटे से अधिक समय लगता है। लोगों को सिकंदरा, गुरुद्वारा गुरु का ताल और रामबाग पर जाम भी झेलना पड़ता है। उत्तरी बाईपास के बनने से लोगों को मथुरा-फरह से खदौली-सादाबाद जाने के लिए आगरा से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा।
हाईटेंशन लाइन से देरी, अप्रैल में होना था शुरू
उत्तरी बाईपास का शुभारंभ अप्रैल में ही होना था। उत्तरी बाईपास के बीच में हाईटेंशन लाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। 8 महीने से इसके शिफ्टिंग करने की प्रक्रिया चल रही है। इसके चलते उत्तरी बाईपास से शुरू नहीं हो पाया। अभी मेट्रो के लिए हाईवे पर कार्य भी चल रहा है, जिसके चलते 24 घंटे जाम के हालात रहते हैं।
रूट डायवर्जन से भी होगा बचाव
आगरा में धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन होने पर रूट डायवर्जन करना पड़ता है। आगरा से होकर गुजरने वाले भारी वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया जाता है। उत्तर बाईपास बनने से ये समस्या भी खत्म हो जाएगी। मथुरा से राया जाने वाले रोड पर वाहनों का दबाव कम होगा। फिरोजाबाद, कानपुर, प्रयागराज जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।