सियार को जंगल में छोड़ा
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि खुले कुएं एवं बोरवेल न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी बहुत बड़ा खतरा हैं। कुओं को ढंकने की तत्काल आवश्यकता है, विशेष रूप से वे जो मानव बस्तियों के नजदीक हैं।
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजुराज एम.वी, ने कहा, “एक जंगली जानवर को बचाने के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है। वाइल्डलाइफ एसओएस की रेस्क्यू टीम प्रशिक्षित हैं और आपातकालीन स्थितियों को विभिन्न रूपों से संभालने में सक्षम हैं। ”
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंज़रवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एम.वी ने बताया कि बोरवेल से निकाला गया सियार गोल्डन जैकाल या इंडियन जैकाल के रूप में भी जाना जाता है। यह प्रजाति अपने प्राकृतिक आवास के विनाश और शिकार की आपूर्ति जैसे प्राथमिक खतरों का सामना कर रही है। शिकार की तलाश इसे शहरी आवासों के करीब ले आई है, जिसके कारण वह संघर्ष के शिकार होते हैं।