आगरा में उत्पाती बंदरों पर लगाम लगाने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। इन्हें पकड़कर 30 एकड़ क्षेत्र में रखा जाएगा। इस पर 55 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की तैयारी है। वाइल्ड लाइफ एसओएस के इस प्रस्ताव पर मंडलायुक्त अनिल कुमार ने जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार से रिपोर्ट मांगी है।
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शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। तमाम क्षेत्रों के साथ ताजमहल व अन्य स्मारकों पर बंदर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। स्थिति यह है कि देसी-विदेशी पर्यटकों का ताजमहल में भ्रमण करना मुश्किल हो गया है। पुरानी कालोनियों में बंदरों के झुंड ने लोगों का राह चलना मुश्किल कर दिया है।
तमाम क्षेत्र ऐसे हैं, जहां लोगों ने अपने घरों की छतों पर जाना छोड़ दिया है। ताज और अन्य स्मारकों पर बंदरों के उत्पात से शहर की छवि देश ही नहीं विदेश में भी प्रभावित हो रही है। पिछले दिनों मंडलायुक्त ने बंदरों पर लगाम लगाने के लिए योजना तैयार करने को कहा था।
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इस पर वाइल्ड लाइफ एसओएस ने 55 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया है। इससे 30 एकड़ क्षेत्र में उत्पाती बंदरों के लिए रेस्क्यू सेंटर खोलने की योजना है। इसमें बंदरों को रखा जागा। मंडलायुक्त ने डीएम से इस पर उनकी रिपोर्ट तलब की है। उनकी हरी झंडी मिलते ही उत्पाती बंदरों पर लगाम लगाने की कवायद शुरू होगी।
ये हुईं घटनाएं
- ताजमहल पर पर्यटकों को बंदरों ने घेरा। इससे विदेशी पर्यटक घायल हो गया था।
- रुनकता क्षेत्र में बंदर एक महिला की गोद से नवजात को खींच ले गया था। इससे नवजात की मौत हो गई थी।
- एमजी रोड पर अचानक कई बंदर सामने आ जाने के कारण अधिवक्ता की बाइक से गिरकर मौत हो गई थी।
- रावली क्षेत्र में एक व्यक्ति को छत पर घेर लिया था। बंदरों की घुड़की से डरकर व्यक्ति नीचे गिर गया था और उसकी मौत हो गई थी।
- थाना एमएम गेट अंतर्गत छत पर मोबाइल फोन पर बात कर रहे युवक को बंदरों ने घेर लिया था। बचने के लिए वह छत से कूद गया। इससे गंभीर रूप से घायल हो गया।
- बालाजीपुरम में बंदरों के एक झुंड ने एक बुजुर्ग को कमरे में घेर लिया। बंदरों ने काट कर उन्हें घायल कर दिया।
- कलक्ट्रेट में एक व्यक्ति के हाथ से बंदर नोटों से भरा थैला छीन ले गए।
बंदरों के आतंक की स्थिति यह है कि पुराने शहर के तमाम इलाकों के लोग घरों में कैद हो गए हैं। बंदरों के उत्पात से बचने के लिए लोगों ने अपने घर पिंजरे के समान लोहे के जाल से बंद करा लिए हैं। ताकि बंदर अंदर न आ सकें।