आगरा में हाथरस जिले के सादाबाद थाने की पुलिस के उत्पीड़न से तंग आकर बरहन (आगरा) के रूपधनु गांव के किसान संजय सिंह (44) ने फंदे से लटक कर जान दे दी। खेत में करीब छह घंटे तक उनका शव पेड़ से लटका रहा। ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उतारने दिया। विरोध-प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय विधायक पहुंचे, पुलिस अफसर के कार्रवाई का आश्वासन देने पर शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।
हाथरस के एएसपी अशोक कुमार ने बताया कि सादाबाद पुलिस कर्मियों पर लगे आरोप की जांच सीओ सदर राम प्रकाश राय को सौंपी गई है। दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। मृतक संजय सिंह के भाई प्रमोद ने बताया कि संजय का साला इटावा निवासी लक्ष्मण पांच जून को सादाबाद क्षेत्र से एक लड़की के साथ कहीं चला गया। आठ जून को सादाबाद पुलिस रात में घर आई और संजय को उठा ले गई।
आरोप लगाया कि थाने ले जाकर संजय को पीटा गया। थर्ड डिग्री दी गई। छोड़ने के नाम पर एक लाख रुपये मांगे गए। मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी। दो दिन बाद 10 जून को 50 हजार रुपये रिश्वत लेकर शांतिभंग में चालान कर संजय को छोड़ा गया। इसके बाद 11 जून को फिर रात में सादाबाद पुलिस घर आई। संजय के होमगार्ड भाई प्रमोद और उसके बेटे को उठाकर ले गई। उसे भी रिश्वत लेकर छोड़ा।
प्रमोद का आरोप है कि पुलिस ने दबिश के नाम पर उत्पीड़न बंद नहीं किया। वह संजय को धमकाती रही। शनिवार सुबह 6 बजे संजय खेत पर गया। वहां उसने पेड़ पर फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। सुबह ग्रामीणों ने शव लटका देखा तो परिजन को सूचित किया।
ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। सूचना पर पुलिस पहुंच गई, लेकिन ग्रामीणों ने शव को नहीं उतारने दिया। फिर क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह पहुंचे। उन्होंने अपर पुलिस आयुक्त केशव चौधरी से संपर्क किया। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया है।
थाना प्रभारी व दरोगा पर आरोप
आगरा के पुलिस अपर आयुक्त केशव चौधरी के संपर्क करने पर एएसपी हाथरस अशोक कुमार व सीओ सदर राम प्रकाश बरहन पहुंचे। परिजन ने सादाबाद थाना प्रभारी व दरोगा पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। विधायक ने मृतक के परिजन को सरकार से आर्थिक सहायता दिलाने और निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया है।