पत्नी ऑफिस जाने और घर लौटने के दौरान बस में धक्के खा-खाकर परेशान हो गई। कहने के बाद भी पति ने स्कूटर नहीं दिलाया तो बात मारपीट तक पहुंची। इसके बाद पत्नी ने घर छोड़ दिया। मामला परिवार परामर्श केंद्र में पहुंचने पर काउंसलर समझाया तो बात बनी।
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थाना कागारौल क्षेत्र निवासी युवती की 2022 में झांसी में शादी हुई थी। पति-पत्नी दोनों प्राइवेट नौकरी करते हैं। एक बेटा भी है। काउंसलिंग में पत्नी ने आरोप लगाया कि बस में धक्के खाते हुए आना-जाना होता है। समय भी ज्यादा लगता है। पति से स्कूटर दिलाने के लिए कहा। पति ने हां करने के बाद भी नहीं दिलाई। वादा याद दिलाने पर झगड़ा, मारपीट करने लगे। इससे सात माह से मायके में रह रही थी।
उधर, पति ने कहा कि मारपीट का आरोप गलत है। मैंने स्कूटर दिलाने का वादा किया था लेकिन पारिवारिक समस्याओं की वजह से नहीं दिला सका। जल्द दिला दूंगा। यदि पत्नी कहे तो स्कूटर पर बैठाकर ही सुसराल से लेकर आऊं। पत्नी ने सहमति जताई, इसके बाद दोनों खुशी-खुशी घर चले गए।