आगरा। पर्यावरण मंत्रालय ने श्वेत श्रेणी यानी उद्योगों की व्हाइट कैटेगरी में 36 की जगह 86 उद्योगों को शामिल कर दिया। ताज ट्रेपेजियम जोन में केवल व्हाइट कैटेगरी के उद्योग ही लगाए जा सकते हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की एक साल पहले के आदेश के कारण इन पर रोक है। ऐसे में उद्यमियों ने जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वह सुप्रीम कोर्ट में 11 नवंबर को होने वाली सुनवाई में राज्य और केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कराएं ताकि आगरा ही नहीं, बल्कि पूरे ताज ट्रेपेजियम जोन के उद्योग बचाए जा सकें।
नेशनल चैंबर अध्यक्ष संजय गोयल ने बताया कि चैंबर ने इस मामले में सांसद और विधायकों के साथ केंद्रीय मंत्री और कैबिनेट मंत्रियों से कोर्ट में पैरवी कराने के लिए कहा है। व्यक्तिगत रूप से मिलकर भी उनसे आग्रह किया जाएगा कि यह टीटीजेड के भविष्य का सवाल है। इसके लिए दिल्ली और लखनऊ को एक साथ एक विचार के साथ उद्योगों के लिए पैरवी करनी होगी। अमर उजाला के एमएसएमई काॅन्क्लेव में हमने यही मुद्दा उठाया था। इसके बाद उद्योगों की संख्या तो बढ़ा दी गई, पर टीटीजेड काे इसका फायदा तभी मिलेगा जब कोर्ट में पैरवी कराई जाएगी।
यह है श्वेत श्रेणी के उद्योग
उद्योगों के वर्गीकरण में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने उन उद्योगों को शामिल किया है, जिन्हें व्यावहारिक रूप से प्रदूषण न फैलाने वाला माना जाता है। इन उद्योगों की प्रक्रियाओं में बहुत कम या न के बराबर पानी की खपत होती है और वे वायु प्रदूषण या खतरनाक अपशिष्ट भी उत्पन्न नहीं करते हैं। इनका प्रदूषण सूचकांक यानी पीआई 20 से कम होता है।
रोक हटे तो यह होगी आसानी
लघु उद्योग भारती से जुड़े मनीष अग्रवाल ने कहा कि श्वेत श्रेणी में 86 तरह के उद्योगों को अनुमति देने के पर्यावरण मंत्रालय के आदेश का फायदा तब मिलेगा, जब कोर्ट से मंजूरी मिले। मंत्रालय का आदेश लागू होता तो कारोबार करने में आसानी रहती। प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से सहमति प्राप्त करने की लंबी और जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।
नेशनल चैंबर के पूर्व अध्यक्ष श्रीकिशन गोयल के मुताबिक 86 क्षेत्रों के व्यवसाय मालिकों से बड़ा नियामक बोझ हट सकता है। इससे वह संचालन पर ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। नए उद्योग लगेंगे तो रोजगार भी बढ़ेगा, लेकिन इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में प्रभावी पैरवी करानी होगी।
हमारा आगरा के अध्यक्ष ओम शर्मा के मुताबिक जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि जब एक साल से रोक है तो उसे हटवाने के लिए प्रभावी पैरवी कराएं। आगरा और ताज ट्रेपेजियम जोन का पक्ष रखें। केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार टीटीजेड के उद्योगों की रफ्तार क्यों रोके हुए है।