बाहर घुमाने ले जाओ, खाना खिलाओ
प्रभारी निरीक्षक कमर सुल्ताना के अनुसार उन्होंने दरोगा की पत्नी को समझाया कि हर पुलिसकर्मी काम को प्राथमिकता देता है। पुलिस की नौकरी का कोई समय निश्चित नहीं होता। कई घंटे से लेकर दिन तक लगना पड़ता है। इसलिए इसमें तनाव में आने की जरूरत नहीं है। दरोगा को समझाया कि वह जब भी घर आएं, पत्नी से बात करें। उनकी समस्या का ख्याल रखें। सप्ताह में एक दिन बाहर घुमाने और खिलाने लेकर जाएं।
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14 फाइलों का हुआ निस्तारण
प्रभारी निरीक्षक सुल्ताना ने बताया कि रविवार को सात मामलों में समझौते कराए गए। पति-पत्नी के बीच मामूली झगड़े थे। तीन में दहेज उत्पीड़न की शिकायत थीं। दोनों परिवारों को एक साथ बैठाकर दूरियां खत्म कर दी गईं। तीन मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए। वहीं चार केस मेें कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण फाइल बंद कर दी गईं।