फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पत्नी को समय नहीं देते थे दरोगाजी, बीवी की शिकायत, देर से पहुंचते हैं, मोबाइल और फाइलों में बिताते हैं रात...

Mon, 15 Mar 2021 12:31 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • परिवार परामर्श केंद्र पहुंचा मामला
  • काउंसिलिंग के बाद मिट गए शिकवे
विज्ञापन
UP Police - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शहर के एक थाने में तैनात दरोगा काम की व्यस्तता में इतना घिर गए कि पत्नी को समय नहीं दे पा रहे। इससे घर में रार पैदा हो गई। पति-पत्नी में मनमुटाव होने लगा। बात हद से ज्यादा होने पर दरोगा ने पत्नी की काउंसिलिंग कराने का निर्णय लिया। रविवार को वह पत्नी के साथ परिवार परामर्श केंद्र पहुंचे। कांउसिलिंग में पति-पत्नी को समझाया गया। दरोगा से पत्नी को समय देने के लिए कहा। इसके बाद दोनों खुशी से घर चले गए।   
विज्ञापन


दरोगा की शादी को दो साल हो गए हैं। थाना में कामकाज अधिक होने से दरोगा घर में समय नहीं दे पा रहे थे। पत्नी ने कई बार टोका, लेकिन वह व्यस्तता के चलते ज्यादा देर बात नहीं करते। कभी मोबाइल में तो कभी फाइलों में घिरे रहते। कई बार देर रात घर पहुंचते। पत्नी के पूछने पर थाने का जरूरी काम बता देते। कुछ महीने से पत्नी तनाव में आ गईं। दोनों के बीच रोजाना झगड़ा शुरू हो गया। 

दरोगा को पता था कि परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच की दूरी को मिटा दिया जाता है। नाम और पता भी गोपनीय रखा जाता है। इसमें काउंसलर मौजूद रहते हैं। रविवार को दरोगा ने केंद्र प्रभारी कमर सुल्तान से फोन पर संपर्क किया। कहा कि वह पत्नी की काउंसिलिंग कराना चाहते हैं। पति-पत्नी एक ही बाइक से पुलिस लाइन में आए। इसके बाद काउंसलर के पास पहुंचे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

बाहर घुमाने ले जाओ, खाना खिलाओ
प्रभारी निरीक्षक कमर सुल्ताना के अनुसार उन्होंने दरोगा की पत्नी को समझाया कि हर पुलिसकर्मी काम को प्राथमिकता देता है। पुलिस की नौकरी का कोई समय निश्चित नहीं होता। कई घंटे से लेकर दिन तक लगना पड़ता है। इसलिए इसमें तनाव में आने की जरूरत नहीं है। दरोगा को समझाया कि वह जब भी घर आएं, पत्नी से बात करें। उनकी समस्या का ख्याल रखें। सप्ताह में एक दिन बाहर घुमाने और खिलाने लेकर जाएं। 
फिरोजाबाद: इंटर फेल मास्टरमाइंड चला रहा था जाली नोट छापने का गैंग, कहां फेल हुआ खुफिया तंत्र 
14 फाइलों का हुआ निस्तारण 
प्रभारी निरीक्षक सुल्ताना ने बताया कि रविवार को सात मामलों में समझौते कराए गए। पति-पत्नी के बीच मामूली झगड़े थे। तीन में दहेज उत्पीड़न की शिकायत थीं। दोनों परिवारों को एक साथ बैठाकर दूरियां खत्म कर दी गईं। तीन मामलों में मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए। वहीं चार केस मेें कोर्ट में विचाराधीन होने के कारण फाइल बंद कर दी गईं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें