राज्यसभा सांसद के राणा सांगा पर 26 मार्च को दिए बयान के बाद आगरा में बवाल हुआ था। क्षत्रिय करणी सेना युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओकेंद्र राणा ने एत्मादपुर में भीड़ जुटाई थी। इसके बाद अपने कार्यकर्ता संग वो सांसद निवास पर पहुंचा था। पुलिस रोकने में नाकाम रही थी। सांसद आवास पर पथराव किया गया था। मामले में दो केस दर्ज किए गए। एक में पुलिस तो दूसरे में सांसद पुत्र वादी बने थे। इस घटना के बाद पुलिस ने ओकेंद्र राणा के घर में दबिश देने का दावा किया। टीमें भी गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं। आरोपी के घर में नोटिस भी चस्पा किया गया। मगर, पुलिस गिरफ्तारी में नाकाम रही।
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इसके बाद एत्मादपुर के गढ़ी रामी में ही क्षत्रिय सम्मेलन हुआ। इसमें भी ओकेंद्र राणा ने सांसद के बयान पर आक्रोश व्यक्त किया। तब भी पुलिस धरपकड़ नहीं कर सकी। हाल ही में वह फतेहाबाद मार्ग पर समाज के एक बोर्ड का अनावरण करने आए। तब पुलिस पहुंच गई थी लेकिन ओकेंद्र राणा ने पुलिस को चकमा दे दिया। बाद में पुलिस चाैकी पर हंगामा हुआ था। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जेल भेजा था। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि केस में विवेचना की जा रही है। 6 से अधिक आरोपियों की पहचान कर नोटिस जारी किए गए हैं। साक्ष्य संकलन कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया जाएगा।
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