केस एसटीएफ के निरीक्षक यतेंद्र शर्मा ने लिखाया है। इस प्रकरण में उन्होंने 9 महीने जांच की थी। आरोपियों से पूछताछ की गई थी। असलहा बाबू के कार्यालय में रिकाॅर्ड खंगाला गया। इसमें लाइसेंस और हथियारों के अवैध होने की आशंका जताई। केस दर्ज हुए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है। मगर, आरोपी गिरफ्तार नहीं हो सके हैं।
केस की विवेचना एसटीएफ को ट्रांसफर हो गई थी। विवेचक हुकुम सिंह हैं। वह अब तक आरोपियों के हथियार जब्त नहीं कर सके हैं। सूत्रों के मुताबिक, हथियारों को जब्त करने के बाद फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। लैब के वैज्ञानिक पता करेंगे कि हथियार फैक्टरी मेड हैं या फिर अवैध तरीके से बनाए गए हैं। इसकी रिपोर्ट से पुष्टि हो जाएगी।
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