मैनपुरी। सर्दी में कान की दिक्कतों के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल में सामान्य दिनों में जहां ईएनटी ओपीडी में 40-45 मरीज पहुंच रहे थे, वहीं अब प्रतिदिन 80 से 90 मरीज कानों की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन भार्गव बताते हैं कि सर्दी का बचाव न करने के कारण लोग कान के दर्द से परेशान हैं। सर्दी में खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनका कहना था कि भी ठंडा खाने से कान का दर्द बढ़ जाता है। इसके अलावा ठंडा पानी पीने और स्नान करने से भी कान में दर्द होने की संभावना रहती है। इसलिए ठंड के मौसम में हल्का गुनगुना पानी पीएं। साथ ही टोपी पहनें और कानों को ढककर रखें। खुले वाहन में सफर करते समय सावधानी बरतें। उन्होंने बताया कि जो मरीज कान में दर्द के आ रहे हैं। खासकर, बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाकर रखने की जरूरत है। जिला अस्पताल के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले एक सप्ताह में इस प्रकार के मरीज 50 प्रतिशत तक बढ़े हैं।
लापरवाही से सुनने की क्षमता हो सकती है प्रभावित
डॉ. आलोक सिंह का कहना है कि कान के मरीज यदि समय से उपचार नहीं लेते हैं तो इससे कान में संक्रमण होने के साथ ही सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।ठंड के मौसम में कान को ढक कर रखना चाहिए। लक्षण दिखने पर किसी प्रकार की लापरवाही न करें। लापरवाही मरीज के कानों के लिए खतरा पैदा कर सकती है।
कान में संक्रमण के लक्षण
- कान में भारीपन महसूस होना
- कान का बहना
- सिरदर्द
- भूख न लगना
- कानों में घंटी की आवाज आना
- उल्टी आना, चक्कर आना आदि लक्षण भी होते
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बचाव के उपाय
- बच्चों को कान में रूई लगाकर नहलाएं
- गर्म कपड़े और टोपी आदि लगाकर रखें
- संक्रमण होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं
- बिना चिकित्सक की सलाह के कान में दवा न डालें