जैतपुर के उधन्नपुरा गांव के कूड़ा प्रबंधन केन्द्र का हाल
बाह। जैतपुर के उधन्नपुरा गांव में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र में बाजरे की करब भरी है। गेट टूटा पड़ा है। गेट के बाहर मवेशी बंधे हैं। चारों तरफ गंदगी है। कूड़ा और उसके निस्तारण की व्यवस्था दूर तक नहीं दिखती है। करीब 6 लाख रुपये की लागत से बने एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र की यह तस्वीर पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर खंड विकास अधिकारी जैतपुर नीरज तिवारी ने बताया कि कूड़ा प्रबंधन केंद्र में बाजरे की करब भरना एक अपराध है, उसे तत्काल खाली कराया जाएगा। पंचायत को केंद्र के सदुपयोग के निर्देश दिए हैं।
करीब 6 लाख की लागत से ग्राम पंचायतों में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बनाए गए हैं। जिनका उद्देश्य कचरे को रोकने, कम करने, पुनर्चक्रण कर खाद बनाने और सुरक्षित निपटान करना है। ताकि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा हो सके। इन केंद्रों में कचरा प्रबंधन के सभी पहलुओं (संग्रहण से लेकर अंतिम निपटान तक) की व्यवस्था की गई है। यहां पर गीला और सूखा कचरा अलग करने एवं उसका उपयोग कर जैविक कचरे से खाद बनाने की योजना है।