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Agra News: उच्च शिक्षा की बिगड़ती स्थिति पर कब दिया जाएगा ध्यान

Sun, 19 Mar 2023 11:51 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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मैनपुरी। जिले में उच्च शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल है। जिले में संचालित 120 महाविद्यालयों में से मात्र 20 महाविद्यालय ही ऐसे होंगे जहां विधिवत शिक्षण कार्य हो रहा है। शिक्षाविद् पूर्व प्रधानाचायों ने जिले मेंं बिगड़ रही उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता प्रकट की है। उनका कहना है कि सरकार और प्रशासन को इस तरफ शीघ्र ध्यान देना चाहिए।
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माध्यमिक शिक्षा में नकल पर नकेल लगने के बाद शिक्षा का माहौल सुधरा है। उच्च शिक्षा में पहुंचने पर स्थिति पहले से भी बदतर दिखाई दे रही है। जिले में जिले की उच्च शिक्षा पर यदि नजर डाली जाए तो हालात बहुत ही सोचनीय हैं। सबसे अधिक खराब स्थिति तो वित्तविहीन महाविद्यालयों की है यहां छात्रों का पंजीकरण तो बड़ी संख्या में है लेकिन यहां कक्षा संचालन की स्थिति बहुत ही दयनीय है। 70 प्रतिशत वित्तविहीन महाविद्यालयों में कक्षा संचालन नजर नहीं आ रहा है। केवल परीक्षा के समय ही यहां छात्र-छात्राओं की भीड़ नजर आती है।

जिले में दो राजकीय, तीन सहायता प्राप्त और 115 वित्तविहीन महाविद्यालय संचालित हैं। इनमें 1.30 लाख विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इन महाविद्यालयों में कक्षा संचालन की निगरानी के लिए न तो प्रशासन ध्यान दे रहा है और न ही सरकार।
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जिला स्तर पर निगरानी की हो व्यवस्था
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. पदम सिंह का कहना है कि उच्च शिक्षा को जो वातावरण वर्तमान में नजर आ रहा है वह बहुत ही सोचनीय है। कक्षा संचालन के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। सरकार को चाहिए कि जिला स्तर पर उच्च शिक्षा की गहन निगरानी की व्यवस्था कराई जाए।


कक्षा शिक्षण पर दिया जाए जोर
राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त पूर्व प्रधानाचार्य रामनरायण बाथम का कहना है कि शिक्षा ही किसी भी देश और राज्य के लिए महत्वपूर्ण साधन है। जो भी शिक्षण संस्थाएं संचालित हो रही हैं उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे कक्षा शिक्षण पर विशेष ध्यान दें जिससे कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न किया जा सके।


अभिभावक भी बनें जागरूक
पूर्व प्रधानाार्य राजभान सिंह चौहान का कहना है कि उच्च शिक्षा की बदहाली के लिए केवल सरकार या प्रशासन ही जिम्मेदार नहीं है। कहीं न कहीं इसमें छात्र और अभिभावक भी जिम्मेदार हैं। अभिभावकों को जागरूक बनना चाहिए। अपने पाल्य का नामांकन ऐसे महाविद्यालय में ही कराएं जहां कक्षा संचालन हो रहा हो। नकल का भरोसा न पकड़ें।
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महाविद्यालयों की स्थिति एक नजर में
02 राजकीय महाविद्यालय जिले में हो रहे हैं संचालित
03 सहायता प्राप्त महाविद्यालयों का जिले में हो रहा है संचालन
115 वित्तविहीन महाविद्यालय जिले में हो रहे हैं संचालित
1.30 लाख छात्र-छात्राओं का है पंजीकरण
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