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सांसों से खिलवाड़: स्प्रिंकलर बंद हुआ तो खराब हो गई संजय प्लेस की हवा, एक्यूआई में आई गिरावट

Thu, 14 Nov 2024 10:44 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

ऑटोमैटिक स्टेशन पर पानी के छिड़काव को बंद कराने से हवा की गुणवत्ता खराब हो गई। शाहजहां पार्क से लेकर संजय प्लेस तक एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई। 
 
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AQI of Agra - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के संजय प्लेस ऑटोमैटिक स्टेशन पर स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव बंद कराने के बाद पहले ही दिन हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। इससे पहले संजय प्लेस की हवा की गुणवत्ता 200 से नीचे ही बनी हुई थी, लेकिन उपकरणों पर पानी का छिड़काव बंद हुआ तो एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 के पार चला गया और पूरे दिन प्रदूषण का स्तर खराब श्रेणी में बना रहा। महज एक दिन बाद ही शहर की हवा की गुणवत्ता हर केंद्र पर ही बिगड़ी।
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अमर उजाला ने नगर निगम परिसर की छत पर रखे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रदूषण मापने वाले उपकरणों पर किए जा रहे पानी के छिड़काव की खबर प्रकाशित की थी। सांसों के साथ हो रहे छलावे का खुलासा किया था, जिसे मंगलवार को बंद करा दिया गया। महज एक दिन बाद बुधवार को जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट जारी की तो संजय प्लेस में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में दर्ज की गई। यह 211 तक पहुंची, जबकि स्प्रिंकलर लगे होने पर यह 128 पर थी। इसी तरह यहां पीएम-2.5 कणों की मात्रा 355 तक पहुंच गई, जबकि पीएम 10 कण 203 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक दर्ज किए गए।

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दो दिन में ही एक्यूआई के बदले आंकड़े
स्टेशन 11 नवंबर 13 दिसंबर
संजय प्लेस 128 211
शाहजहां पार्क 74 154
मनोहरपुर 81 118
सेक्टर 3बी 101 163
रोहता             57 91
शास्त्रीपुरम 104 141
 
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शाहजहां पार्क में हरियाली के बीच रखे उपकरण
प्रदूषण मापने के लिए लगाए गए ऑटोमैटिक स्टेशन के उपकरणों को ताजमहल के पास शाहजहां पार्क में घने पेड़ों के बीच हरियाली वाली जगह रखा गया है। यहां से सड़क की दूरी काफी है। पार्क के अंदर रखे गए ऑटोमैटिक स्टेशन के उपकरणों से भी दो दिन पहले तक एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था, लेकिन खुलासे के एक दिन बाद ही यहां भी एक्यूआई 154 तक पहुंच गया। पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने टीटीजेड चेयरमैन से एक्यूआई दर्ज करने वाले उपकरणों के साथ की जा रही छेड़छाड़ और गड़बड़ियों को बंद कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की असल स्थिति सामने आने दी जाए, जिससे इससे निपटने के असल प्रयास किए जाएं। भगवान टॉकीज के पास और ताज के पास पुरानी मंडी पर प्रदूषण मापने के उपकरण लगाए जाएं ताकि असली आंकड़े सामने आ सकें।
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