खतरे में पहाड़ और ग्वाल बाबा मंदिर
कुल्हाड़ा गांव में पहाड़ की चोटी पर ग्वाल बाबा का मंदिर है। सैकड़ों वर्षों से आसपास के गांव के लोग उत्तर प्रदेश की तरफ से आसानी से पहाड़ पर पहुंच कर प्रतिदिन पूजा अर्चना करते थे।वर्ष 2016 में खनन माफियाओं ने प्राचीन और बड़े मंदिर को तोड़ दिया। तब लगातार आंदोलन हुए थे। आक्रोश शांत करने के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों ने यूपी की ओर दस मीटर खिसका कर छोटा सा मंदिर बना दिया। पैमाइश में दोनों राज्यों के लेखपालों में जमकर विवाद हुआ था। दोबारा पैमाइश की मांग की गई थी। कुल्हाड़ा गांव के पप्पू तोमर के मुताबिक ग्वालबाबा मंदिर में 20 साल पहले तक सीधा रास्ता था, लेकिन खनन के कारण अब खाई है। राजस्थान की ओर से मंदिर जाना पड़ता है। मंदिर खनन के कारण खतरे में है।
विस्फोट से दरके मकान, छत तक गिरीं
कुल्हाड़ा गांव के लोगों ने बताया कि पहाड़ से पत्थर निकलने के लिए राजस्थान की तरफ खनन माफिया बारूद का इस्तेमाल कर बड़े विस्फोट करते हैं। इसकी धमक से कुल्हाड़ा में मकानों की दीवारें चटक गईं। बड़ी दरारें हो गईं हैं। कई मकानों की छत तक गिर चुकी है। रात भर क्रेशर मशीन चलती हैं। सैकड़ों ट्रक, ट्रैक्टरों से गिट्टी राजस्थान और यूपी के शहरों को सप्लाई हो रही है।
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