कासगंज। पिछले दिनों भले ही चक्रवात के बाद हवा का रुख बदला रहा हो, लेकिन जिले की जमीं के लिए यह रुख बेहतर नहीं रहा। अब किसानों को हवा के नए रुख से उम्मीदें हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पछुआ के बजाय पुरवइया चल जाए तो किसानों को ही नहीं बल्कि आम जनमानस के लिए भी हवाओं का रुख बेहतर सहूलियत देगा।
लोग कहते हैं कि हवाएं अपना रुख बदलती हैं। जब गर्म या पश्चिम दिशा से हवा चलती है तो उसे लोग पछुआ कहते हैं। वहीं जिले के वातावरण के लिए पुरवइया बेहतर मानी गई है। जब पूरब से हवाएं चलती है तो गर्मी से तो राहत मिलती ही है बारिश की उम्मीद भी बढ़ जाती है। 15 जून को विश्व पवन दिवस है। ऐसे में किसान एवं जनमानस उम्मीद लगाए बैठे कि अगर पुरवइया चल जाए तो मौसम भी सुहाना सुहाना होगा और बरसात की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।