कासगंज। अब किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री करते समय आंकड़ों में बाजीगरी नहीं कर सकेंगे। गेहूं खरीद के लिए ख्रादय विभाग की वेब साइट को राजस्व विभाग के भूलेख पोर्टल से लिंक कर दिया गया है। जैसे ही किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं की बिक्री के लिए अपना पंजीयन करेंगे तो पूरा विवरण सामने आ जाएगा।
जनपद में 185199 किसान खेती के कार्य से जुड़े हुए हैं। इन किसानों के पास 140700.619 हेक्टेअर कृषि भूमि है। इस भूमि में किसानों के परिवार के सदस्य भी हिस्सेदार होते हैं। किसान अपने हिस्से की जमीन की ही फसल सरकारी खरीद केंद्र पर बेच सकता है, लेकिन मुनाफा कमाने के लिए तमाम बिचोलिए अपनी भूमि में फसल की बुवाई न करने पर भी पंजीयन के समय आंकड़ों में हेरफेर कर देते हैं। वे दूसरे की फसल को सस्ती खरीद केंद्र पर बेच कर मुनाफा कमा लेते हैं। प्रशासन ने जनपद में जितने भी किसान हैं और परिवार में भूमि में उनकी कितनी हिस्सेदारी है यह सब आंकड़ा भूलेख विभाग में पंजीकृत है।
गेहूं की खरीद के लिए खाद्य एवं विपणन विभग ने अपनी पंजीयन प्रक्रिया को भूलेख विभाग के इस पोर्टल से लिंक कर दिया है। । ऐसा हो जाने के बाद किसान अपनी फसल की बिक्री के लिए जैसे ही अपना पंजीयन कराएगा उसका पूरा हिस्सा सामने आ जाएगा। किसान अपना पंजीकरण करते समय अपने हिस्से में हेराफेरी नहीं कर सकेगा। जब वह पंजीकरण प्रपत्र के साथ अपनी फसल बेचने के लिए सरकारी केंद्र पर जाएगा तो केंद्र संचालक उसके पंजीकरण नंबर के आधार पर भूमि के हिस्से का सत्यापन कर सकेगा।