उसके बाद अजयपाल तथा उसके बाद उपेंद्र के शव का उनके खेतों पर अंतिम संस्कार किया गया। शाम करीब पौने पांच बजे इटावा से मुस्कान का शव गांव पहुंचा। करीब एक घंटा बाद मुस्कान के शव को पैतृक गांव कुरावली थाना क्षेत्र के बेलाहार भेजा गया। जहां देर शाम शव को दफनाया गया।
अस्यौली में भाई-बहन के शव पहुंचते ही मची चीत्कार
नगर के निटवर्ती गांव अस्यौली निवासी दीपचंद्र के पुत्र मयंक और पुत्री पलक के शव 10 बजे गांव पहुंचे। यहां शव पहुंचते ही चीत्कार शुरू हो गई। बड़ी संख्या में लोग बच्चों के शव देखने के लिए पहुंचे। बाबा महावीर सिंह, पिता दीपचंद और मां साधना का रो-रोकर बुरा हाल था।
दोनों शवों को दोपहर करीब डेढ़ बजे गांव के श्मशान घाट पर दफनाया गया। हादसों के समय दीपचंद का दूसरा पुत्र अर्पित और पुत्री पल्लवी भी ट्राली में मौजूद थी जो घायल हुए हैं। हालांकि अब उनकी हालत में सुधार है।