आरोपियों ने बताया कि वाहन चोरों के पांच साथी लईक खान मोहल्ला मनिहारन, नदीम कबाड़ी निवासी नैनी थाना रसूलपुर फिरोजाबाद, अलीम निवासी मोहल्ला कानूनगोयान करहल, तौफीक कुरैशी निवासी मोहल्ला कसाई करहल व दो अन्य साथी भाग निकले। सभी एनसीआर, गुरुग्राम समेत अन्य स्थानों में चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। वहीं, चोरी की कारों को महज 25-30 हजार में ही कबाड़ी को बेच दिया करते थे।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
स्वाट टीम और एलाऊ टीम ने जो वाहन चोरों का गैंग पकड़ा है। वह आन डिमांड चोरियां किया करता था। पकड़े गए लीडर प्रशांत यादव ने बताया कि दिल्ली, गुरुग्राम और उत्तर प्रदेश से वाहनों को चोरी कर कबाड़ी लईक खान मोहल्ला मनिहारन, अलीम निवासी मोहल्ला कानून गोयान और फिरोजाबाद के कबाड़ी नदीम व साथ आए लोगों को बेच देता था। मोहम्मद उवैश उर्फ इरफान के मुताबिक वह भी गैंग का सदस्य हैं। वह भी वाहन चोरी के मामले में कानपुर, दिल्ली और मैनपुरी से जेल जा चुका है।