ताजनगरी की वेडिंग इंडस्ट्री की शुक्रवार से लगने वाले रात के कर्फ्यू से चिंता बढ़ गई है। इसका असर 21 अप्रैल से लेकर 18 जुलाई तक होने वाली लगभग तीस हजार शादियों पर पड़ेगा। इस कारण जहां मेहमान शादी समारोह में शामिल नहीं हो पाएंगे तो वहीं काफी ऑडरों को रद्द करना पड़ेगा।
वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल का कहना है कि शहर में 95 प्रतिशत शादियां शाम के बाद ही होती हैं। इसलिए रात के कर्फ्यू का सबसे ज्यादा प्रभाव वेडिंग इंडस्ट्री को झेलना पड़ेगा। अगले तीन महीनों में होने वाली लगभग तीस हजार में पहले ही इंडस्ट्री लगभग 750 करोड़ रुपये से नीचे आ गई है। रात के कर्फ्यू से काफी ऑर्डरों को रद्द करना पड़ेगा।
ज्यादातर शादियां रात में
यूपी वेडिंग इंडस्ट्री एसोसिएशन के समन्वयक मनीष अग्रवाल का कहना है कि वेडिंग इंडस्ट्री की पचास प्रतिशत आय रात को होने वाले कार्यक्रमों से होती है। शादी समारोह में इस शहर की यह परंपरा है कि अधिकांश मांगलिक कार्य रात में ही होते हैं। रात के कर्फ्यू से शादी के घरों वाले परिवारों के काफी ऑर्डर रद्द होगे। इससे इंडस्ट्री को दूसरा नुकसान उठाना पड़ेगा। साथ ही मेहमानों की संख्या काफी कम हो जाएगी।