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जिलेभर में दिनभर रुक-रुककर होती रही बारिश

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कासगंज। जिले में दो दिन पहले से ही मौसम का रुख बदला हुआ है। मंगलवार की रात से ही जिले में बारिश होने लगी। यह बारिश कभी तेज तो कभी हल्की थी। बुधवार को भी दोपहर तक बारिश होती रही। तेज ठंडी हवाएं चल रहीं थीं। जिससे अधिकतम पारा गिरकर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। प्रदेश के राहत आयुक्त ने ताउते चक्रवाती तूफान से पैदा हुए पश्चिमी विक्षोभ के संबंध में 17 मई से 20 मई तक की चेतावनी जारी की थी।
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मौसम वैज्ञानिकों और राहत आयुक्त की चेतावनी के क्रम में जिला भी शामिल था। जिसमें बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई। पूर्वानुमान के अनुसार ही जिले में बारिश का मौसम बना हुआ है। 19 मई को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन रात से बारिश शुरू हुई जो बुधवार दोपहर तक लगातार हुई। उसके बाद अलग अलग क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। आज बृहस्पतिवार को भी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। बारिश और पारा गिरने से मौसम तो अति सुहाना हो गया। कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर इसका असर पड़ा। लाइनों में फॉल्ट के कारण ग्रामीण फीडर की बिजली सप्लाई नहीं हो सकी।
जिले के सोरों, सहावर, पटियाली, अमांपुर, गंजडुंडवारा, सिढ़पुरा में कहीं तेज तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। शहर की गलियों, सिढ़पुरा व अन्य इलाकों में गली मोहल्लों की नालियों में बारिश का पानी जमा होने से निकासी नहीं हो पाई। जिससे निकायों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। मौसम का रुख और बदलने की आशंका बनी हुई थी।
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किसानों को बारिश से मिली राहत
बारिश होने का लाभ किसानों को मिलेगा। गेहूं की कटाई के बाद किसानों के खेत खाली पड़े थे। अब आगामी फसल की बुवाई के लिए किसानों को खेतों में पानी लगाकर परेवट करनी थी। जिससे मक्का आदि फसलों की बुवाई की जा सके। अब बारिश होने से खेतों में परेवट की जरूरत नहीं रहेगी। अब किसान सीधे खेत तैयार करके बुवाई करेगा। किसान विपिन शर्मा का कहना है कि बारिश से खेती किसानी को लाभ होगा। किसान जोगराज ने बताया कि उनके खेत में अरबी की फसल लगी है। जिसमें पानी लगाना था, लेकिन अब पानी लगाने की जरूरत नहीं रहेगी।
यह बारिश के खेती के लिए फायदेमंद है। किसानों को खेतों की तैयारी के लिए पानी नहीं लगाना पड़ेगा। यदि और अच्छी बारिश होती है तो धान के किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। - सुमित चौहान, जिला कृषि अधिकारी।
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