ताजनगरी में बीते पांच साल में नवंबर का आगाज इस बार सबसे सर्द रहा। सुबह धुंध छाई रहने के साथ दिन और रात में तापमान सामान्य से तीन डिग्री तक नीचे है। 2016 में भी न्यूनतम तापमान 14 डिग्री तक पहुंचा था, लेकिन इस बार दिन में भी तापमान में कमी दर्ज की गई है। बीते वर्षों के दो नवंबर से तुलना करें तो पिछले साल से ही रात में पारा पांच डिग्री तक कम हो गया है, वहीं दिन में तापमान तीन डिग्री लुढ़क गया है।
सोमवार की सुबह धुंध से भरी रही। नेशनल हाइवे और यमुना किनारा रोड पर धुंध छाई रही। सुबह 10 बजे तक दृश्यता कम रही, लेकिन उसके बाद जैसे-जैसे धूप तेज होती गई, वैसे-वैसे तापमान बढ़ने क साथ दृश्यता में इजाफा होता गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस हो गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है।
मंगलवार को भी यही हाल रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले तीन दिनों में सुबह धुंध छाई रहेगी और दिन में भी दृश्यता कम रह सकती है। सुबह और शाम को स्मॉग के छाए रहने और अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कमी के आसार हैं।
2 नवंबर अधिकतम न्यूनतम
2020 30.3 डिग्री 14.0 डिग्री
2019 33.6 डिग्री 19.0 डिग्री
2018 33.2 डिग्री 16.0 डिग्री
2017 34.2 डिग्री 19.8 डिग्री
2016 31.5 डिग्री 14.2 डिग्री
सर्दी बढ़ी, सुबह के समय स्मारकों पर सैलानी घटे
स्मारकों पर सर्दी और धुंध का असर नजर आने लगा है। सुबह धुंध छाए रहने के कारण ताजमहल समेत स्मारकों पर सैलानियों की संख्या कम रहती है, वहीं दोपहर में 12 बजे के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो रहा है। दरअसल, कोरोना के कारण कुछ ट्रेन ही चल रही हैं, जिससे ज्यादातर लोग अपनी कारों से ही सफर कर रहे हैं।
वे एक्सप्रेसवे के जरिए सुबह 10 बजे के बाद ही आगरा आ रहे हैं। ऐसे में दोपहर 12 बजे के बाद ही ताजमहल पर टिकटें ज्यादा बिक रही हैं। सुबह की शिफ्ट में टिकटें पूरी 2500 नहीं बिक रहीं, जबकि दोपहर 12 बजे के बाद के स्लॉट की टिकटें दोपहर दो बजे तक ही खत्म हो रहीं हैं।