वर्ष 1972 में अरुण जेटली दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पद का चुनाव जीते थे। उन्हें छात्र संघ चुनाव लड़ाने के लिए आगरा व्यापार मंडल के अध्यक्ष टीएन अग्रवाल अपनी टीम के साथ दिल्ली गए थे। उस समय टीएन अग्रवाल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री पद पर थे।
शनिवार दोपहर करीब सवा 12 बजे जब ताजनगरी के लोगों को जानकारी हुई कि पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का निधन हो गया है तो सभी शोक में डूब गए। जेटली के साथ बिताए पलों को लेकर शहर के कुछ लोग चर्चा कर उन्हें याद करने लगे।
शहर के व्यापारी टीएन अग्रवाल, प्रफुल भार्गव, राध्येश्याम उपाध्याय, सुनील विकल, चंद्रप्रकाश बंसल, रामवीर शर्मा आदि ने बताया कि वर्ष 2000 में जब भाजपा की प्रदेश सरकार ने कपड़े पर प्रवेश शुल्क लगा दिया था। उस दौरान हम अरुण जेटली के पास पहुंचे और उनसे प्रदेश सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट में केस करने की अपील की।
साथ ही उन्हें जरूरत के हिसाब से फीस देने की बात कही। उस दौरान जेटली ने कहा कि मैं वकील होने के साथ साथ पार्टी का कार्यकर्ता भी हूं। उन्होंने केस लड़ने से मना करने के साथ साथ प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी से हम लोगों की मुलाकात कराई और यूपी से प्रवेश शुल्क को खत्म कराया।