बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक न तो खुद नदी पार करें और न ही बच्चों या मवेशियों को रपट की ओर जाने दें।
राजस्थान में हो रही बारिश के कारण आंगई बांध से आए पानी से बुधवार को उटंगन नदी में उफान आ गया। फतेहाबाद और तोड़ा गांव को जोड़ने वाला उटंगन नदी का पुल (रपट) डूब गया। पुल के ऊपर से दिनभर पानी बहता रहा।
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उटंगन नदी के पुल के रास्ते सीयपुरा, सेहा, शाहपुर खालसा, तोड़ा गांव के लोग फतेहाबाद आते-जाते हैं। पुल डूबने से इन गांवों का फतेहाबाद से संपर्क टूट गया है। प्रधान नेमीचंद ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को पुल पार न करने की सलाह दी गई है।
उफान के पानी से नदी किनारे के खेतों में बाजरा और तिल की फसलें डूब गई हैं। तोड़ा, सेहा और अरनोटा में ज्यादा नुकसान होने का अनुमान है। गुरावली, सेरब, सबोरा, बीधापुरा, बसई अरेला, बसई भदौरिया, कांकरखेड़ा, मानिकपुरा, पिढौरा, कौंध, रीठई आदि गांवों के खेतों में फसलें प्रभावित हो रही हैं।
उपजिलाधिकारी, फतेहाबाद अभय सिंह ने बताया कि बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि जब तक जलस्तर सामान्य नहीं हो जाता, तब तक न तो खुद नदी पार करें और न ही बच्चों या मवेशियों को रपट की ओर जाने दें।
बटेश्वर में यमुना का एक फुट जलस्तर बढ़ा
उटंगन के उफान का पानी पिढौरा में यमुना नदी में आता है। यहां पर पानी आने से बलाई, रामपुर चंद्रसेनी, बटेश्वर, बुढै़रा, विक्रमपुर, सुंसार, बड़ापुरा, कमतरी, चरीथा, गढ़ी बरौली आदि गांवों में एक फुट जलस्तर बढ़ गया है। तराई के खेतों की फसलों में भी पानी भर गया है। हालांकि अभी फसलों का नुकसान नहीं है। संवाद