आगरा के यमुनापार में गर्मी के साथ जल संकट भी गहराने लगा है। सोमवार को ट्रांस यमुना के गणेश नगर, संजीव नगर और राधे नगर में महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया। जलकल के खिलाफ नारेबाजी भी की। यमुनापार के भगवती बाग, राधा नगर, गणेश नगर, संजीव नगर, फाउंड्री नगर में पानी का संकट सालों से बना हुआ है। सोमवार को दोपहर 1 बजे बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुषों ने प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि पानी की सप्लाई न होने के कारण टैंकरों से खरीदना पड़ रहा है। सरकारी टैंकर का दावा किया जाता है, लेकिन 1-1 सप्ताह तक टैंकर नहीं आते हैं। पानी नहीं आने की वजह से वह अपने मकान भी बेचने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
वर्ष 2016 में डाली गई थी लाइन
राधा नगर निवासी मुन्ना सिंह ने बताया कि वर्ष 2016 में पानी की पाइपलाइन डाली गई थी। मगर, अब तक पानी नहीं आया है। इसके लिए कई बार जलकल विभाग में प्रार्थनापत्र दे चुके हैं। प्रदर्शन भी किए गए, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया।
टैंकर से खरीदना पड़ रहा
भगवती बाग निवासी डा. महेंद्र बघेल ने बताया कि टैंकर से पानी खरीदना पड़ता है। एक ड्रम के 80 रुपये तक लोगों से लिए जाते हैं। इससे जहां परेशानी का सामना करना पड़ता है, वहीं आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है। इस बारे में विभागीय अधिकारियों से शिकायत की गई थी। कर्मचारी निरीक्षण करके चले जाते हैं। मगर, सुनवाई नहीं होती है।
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ज्योति नगर में 8 साल से लोग परेशान
पानी की समस्या ताजगंज क्षेत्र के ज्योति नगर में भी है। क्षेत्रीय निवासी कमरुल हसन ने बताया कि इलाका वार्ड 97 में आता है। 15 हजार की आबादी है। इसके बावजूद गंगाजल की लाइन नहीं बिछाई गई है। लोग सबमर्सिबल पंप के भरोसे हैं। यह भी अब खराब होने लगी हैं। भूमिगत जल 300 फीट से नीचे जा चुका है। अधिकारी हर बार यही कहते हैं कि इलाके में सप्लाई के लिए 800 मीटर लाइन बिछानी होगी। ऐसे में खर्च अधिक आएगा। इस कारण पानी के लिए लोग तरस रहे हैं।
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शुद्ध जल नहीं मिल रहा
इंद्रापुरम के राजू मल्होत्रा का कहना है कि ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई होती है। गंगाजल की लाइन नहीं है। इस कारण शुद्ध जल नहीं मिल पा रहा है। अधिकारी भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। गर्मी में मांग बढ़ने पर टयूबवेल खराब हो जाते हैं। इन्हें ठीक करने में काफी समय लग जाता है। एक साल पहले यही स्थिति हुई थी। अधिकारियों के पास चक्कर काटने पड़े थे।