कासगंज/ गंजडुंडवारा। जिला के परिषदीय प्राथमिक विद्यालय नूरपुर में पूजा फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर दीप्ति बनकर नौकरी कर रही थी। पुलिस ने लगभग 18 माह बाद फर्जी शिक्षिका को गंजडुंडवारा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। प्राथमिक विद्यालय नूरपुर द्वितीय पर तैनात शिक्षिका दीप्ति के शैक्षिक प्रमाण पत्रों के फर्जी पाए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने 9 अक्तूबर 2020 को उसकी सेवाएं समाप्त कर दी। इसके बाद उसके खिलाफ 27 फरवरी 2021 को पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इसके बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी। पुलिस की जांच में शिक्षिका का असली नाम पूजा निवासी सलेमपुर करखा, नगला खंगर फिरोजाबाद सामने आया, लेकिन फर्जी शिक्षिका पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सकी।
पुलिस के द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे। पुलिस को मुखबिर से शिक्षिका के रेलवे स्टेशन पर होने की सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। इंसपेक्टर क्राइम रामप्रकाश गौतम ने बताया कि शिक्षिका के फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी दर्ज करने का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी। शिक्षिका को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है।