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सरकारी गेहूं खरीद केंद्रों पर वारदाना का टोटा

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मैनपुरी। गेहूं की सरकारी खरीद 15 जून तक होनी है। सरकारी खरीद में दो दिन का समय ही बचा है। मंडी के खरीद केंद्रों पर वारदाना ही नहीं है। गेहूं बेचने के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। किसानों का ट्रैक्टरों में लदा गेहूं चार पांच दिनों से खरीद केंद्रों के बाहर रखा हुआ है। किसानों को गेहूं बेचने की चिंता सता रही है।
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खरीद केंद्रों पर वारदाना नहीं होने की बात कहकर खरीद केंद्रों से किसानों को लौटाया जा रहा है। खरीद केंद्रों पर वारदाना नहीं होने से मंडी में आढ़तियों को सस्ते दामों पर गेहूं बेचना किसानों की मजबूरी बनती जा रही है। जिससे किसानों को सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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पांच मई को गेहूं बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। चार दिनों से खरीद केंद्र के बाहर ट्रैक्टर में लदे गेहूं के साथ खरीद होने का इंतजार कर रहे हैं। केंद्र प्रभारी खरीद केंद्र पर वारदाना नहीं होने से खरीद नहीं होने की बात कहकर रोजाना लौटा देते हैं।
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वीरपाल सिंह, भटोहा
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सरकारी खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए 11 मई को पंजीकरण कराया था। मंडी के खरीद केंद्र के बाहर पांच दिन से इंतजार कर रहे हैं। केंद्र प्रभारी खरीद केंद्र पर वारदाना नहीं होने की बात कह रहे हैं। खरीद केंद्र पर वारदाना की व्यवस्था होनी चाहिए।
विपिन यादव, गरगई
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खरीद केंद्रों पर वारदाना भेजा गया है। जहां वारदाना नहीं है वहां भी भेजा जाएगा। पंजीकरण कराने वालों के गेहूं की खरीद की जाएगी। गेहूं खरीद की अभी अंतिमि तिथि 15 जून ही है। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
उदित नारायण सिंह, खाद्य विपणन अधिकारी
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शोषण नहीं रुका तो किसान धरना देंगे
किशनी। भारतीय किसान यूनियन (किसान) के जिलाध्यक्ष अनिरुद्ध दुबे ने डीएम को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में कहा है अगर खरीद केंद्रों पर किसानों का शोषण नहीं रुका तो संगठन के पदाधिकारी किसानों के साथ धरना देंगे। खरीद केंद्रों की गतिविधियों की जांच होनी चाहिए। ज्ञापन में कहा है किशनी क्षेत्र में सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद में किसानों के साथ लूट की जा रही है। हर खरीद केंद्र पर किसानों से पचास किलो पर 400 ग्राम से 500 ग्राम गेहूं ज्यादा लिया जा रहा है। जो किसान विरोध करता है उसे वारदाना की कमी बताकर लौटा दिया जाता है। अगर किसानों का शोषण नहीं रुका तो संगठन आंदोलन करेगा। इस संबंध में एसडीएम किशनी को ज्ञापन देने के बाद भी खरीद केंद्रों पर मनमानी हो रही है। अगर किसानों का शोषण नही रुका तो किसानों के साथ तहसील किशनी में धरना दिया जाएगा। संवाद
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